गुस्ताख़ी माफ़ हरियाणा – पवन कुमार बंसल
हरियाणा के नरवाना निवासी हमारे जागरूक पाठक एवं प्रखर सामाजिक कार्यकर्ता रघुभूषण ने एक रोचक प्रश्न उठाया—देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को “विद्रोही” क्यों कहा जाता है? यह सवाल जितना दिलचस्प था, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी, क्योंकि लेखक के पास न तो उनके परिवार से कोई सीधा संपर्क था और न ही व्यक्तिगत जानकारी। लेकिन हजारों सजग पाठकों की सहभागिता से इस पहेली का समाधान सामने आया।
पाठकों से प्राप्त जानकारियों के अनुसार, जेपी आंदोलन के दौरान सूर्यकांत का संपर्क वेद प्रकाश ‘विद्रोही’ से हुआ था। उस समय वेद प्रकाश विद्रोही हरियाणा में ‘युवा छात्र संघर्ष वाहिनी’ के प्रदेश प्रमुख थे। इसी दौरान सूर्यकांत को हिसार का प्रभारी नियुक्त किया गया।
इस तथ्य की पुष्टि स्वयं वेद प्रकाश विद्रोही ने भी की। उन्होंने बताया कि उस दौर में उनके और सूर्यकांत के संबंध काफी अच्छे रहे। यह संबंध वर्ष 2000 तक बने रहे, जब ओम प्रकाश चौटाला के मुख्यमंत्री कार्यकाल में सूर्यकांत को हरियाणा का महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) नियुक्त किया गया।
इसके बाद सूर्यकांत के न्यायिक सफर ने नई ऊंचाइयां हासिल कीं। उन्हें सुषमा स्वराज और अरुण जेटली के सहयोग से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का न्यायाधीश बनाया गया। यहीं से उनका न्यायिक जीवन और अधिक प्रभावशाली होता चला गया।
इस तरह जेपी आंदोलन, युवा छात्र संघर्ष वाहिनी और वेद प्रकाश ‘विद्रोही’ से जुड़े पुराने संबंधों के कारण सूर्यकांत के नाम के साथ “विद्रोही” शब्द का जुड़ाव सामने आता है, जिसे लेकर आज भी राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चा होती रहती है।
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