रामपुर। रामपुर नगर में हाउस टैक्स और वाटर टैक्स को लेकर व्यापारियों और नगर पालिका प्रशासन के बीच टकराव गहराता जा रहा है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को जिलाधिकारी रामपुर से मिला और नगर पालिका परिषद द्वारा मनमाने ढंग से बढ़ाए गए गृहकर एवं जलकर के हजारों नोटिसों के खिलाफ विस्तृत शिकायत दर्ज कराई।
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि नगर पालिका द्वारा हाल ही में जारी किए गए नोटिस न तो स्पष्ट हैं और न ही कर निर्धारण के नियमों के अनुरूप। इन नोटिसों में बड़ी संख्या में त्रुटियाँ हैं और कई करदाताओं पर अनुचित रूप से भारी टैक्स थोप दिया गया है। व्यापार मंडल का कहना है कि “हमें टैक्स देने से इंकार नहीं है, लेकिन गलत तरीका स्वीकार नहीं है।”
व्यापारियों ने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर अनेकों ज्ञापन और बैठकें नगर पालिका प्रशासन के साथ की गईं, लेकिन किसी भी स्तर पर उनकी बात नहीं सुनी गई। कर निर्धारण अधिकारी, अधिशासी अधिकारी और चेयरपर्सन तक को ज्ञापन दिए गए, मगर सभी आपत्तियाँ महीनों से लंबित हैं और कोई समाधान नहीं निकला।
इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त जिलाधिकारी (एडीएम) को निर्देश दिया कि वे नगर पालिका प्रशासन और व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर समस्या का स्थायी समाधान निकालने का प्रयास करें।
व्यापार मंडल ने अपनी मांगों में यह स्पष्ट किया है कि —
सभी जारी किए गए नोटिसों की गहन समीक्षा की जाए।
निर्धारित किराया दरों में संशोधन कर उन्हें व्यावहारिक स्तर पर लाया जाए।
‘स्वकर निर्धारण प्रणाली’ (Self Assessment System) लागू की जाए।
और संपूर्ण प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता रखी जाए।
व्यापार मंडल के सदस्यों ने कहा कि यदि जल्द ही इस पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो व्यापारी समुदाय आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
रामपुर में नगर पालिका द्वारा हाल में गृहकर और जलकर की दरों में की गई भारी वृद्धि से आम नागरिक और व्यापारी दोनों ही परेशान हैं। अब देखना यह होगा कि डीएम के हस्तक्षेप के बाद क्या प्रशासन व्यापारियों की समस्याओं का समाधान निकाल पाता है या विवाद और बढ़ेगा।
