ऐलनाबाद,मार्च (एम.पी. भार्गव)। इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा की मंडियों के खरीद केंद्रों में मार्केट कमेटियों द्वारा लाइसेंस न देने के कारण किसानों को उनकी फसल बेचने में आ रही मुश्किलों के मुद्दे को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री से चंडीगढ़ स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने खरीद केंद्रों को तुरंत शुरू करने की मांग को लेकर ज्ञापन भी सौंपा।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद चौधरी अभय सिंह चौटाला ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जैसे बुढ़ापा पेंशन का मुद्दा था, वैसे ही किसानों की गेहूं की फसल बेचने के लिए खरीद केंद्रों का बड़ा मुद्दा सामने आया है। सरकार ने एक आदेश जारी कर दूरदराज के इलाकों में बने गेहूं खरीद केंद्रों को बंद करने और पुराने लाइसेंस के नवीनीकरण पर रोक लगा दी है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री जननायक देवीलाल ने इन खरीद केंद्रों की शुरुआत की थी और पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने किसानों के हित में इन्हें बढ़ावा दिया था। गेहूं खरीद केंद्र बंद होने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। सरकार ने इस बार स्थानीय गेहूं खरीद केंद्रों पर बायोमेट्रिक प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है, जो हर जगह संभव नहीं है। बायोमेट्रिक व्यवस्था वहीं लागू हो सकती है जहां चारदीवारी जैसी व्यवस्था हो।
अभय सिंह चौटाला ने बताया कि प्रदेश में करीब 9000 लाइसेंस धारक हैं और एक लाइसेंस से औसतन नौ लोगों को रोजगार मिलता है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि खरीद केंद्रों को बंद नहीं किया जाएगा और इस मामले में अधिकारियों से बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह गंभीर मुद्दा है और इनेलो एक सप्ताह तक इंतजार करेगी। यदि कोई समाधान नहीं हुआ तो पार्टी प्रदेशभर में आंदोलन शुरू करेगी।
उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री को आदेश लेने की जरूरत नहीं, बल्कि अधिकारियों को बुलाकर आदेश वापस लेने के निर्देश देने चाहिए।
सरसों की खरीद को लेकर भी उठाया मुद्दा
अभय सिंह चौटाला ने प्रदेश में सरसों की खरीद को लेकर भी मुख्यमंत्री नायब सैनी से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इनेलो ने हरियाणा में 12 मार्च से सरसों की खरीद शुरू करने की मांग की है। प्रदेश के कई जिलों—भिवानी, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम, पलवल और नूंह—में सरसों की फसल समय से पहले तैयार हो चुकी है। इस पर भी मुख्यमंत्री ने जल्द फैसला लेने का आश्वासन दिया है।
राज्यसभा चुनाव पर हुड्डा पर साधा निशाना
राज्यसभा चुनाव के मुद्दे पर अभय सिंह चौटाला ने नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि इस चुनाव में वह हुड्डा की तसल्ली करवा देंगे। उन्होंने कहा कि इंडियन नेशनल लोकदल को बीजेपी की बी टीम कहने से पहले हुड्डा अपने लोगों को संभालें।
उन्होंने आरोप लगाया कि हुड्डा अपने ही लोगों को बेच देते हैं और इल्जाम दूसरों पर लगाते हैं। अभय चौटाला ने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पूर्व कांग्रेस नेता कुलदीप बिश्नोई और किरण चौधरी को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर किया था। राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले उन्हें प्रताड़ित किया गया, जिसके कारण चुनाव के नतीजे बदले थे।
उन्होंने कहा कि हुड्डा को स्याही कांड भी याद रखना चाहिए और बताना चाहिए कि स्याही किसने बदली थी। अभय चौटाला ने आरोप लगाया कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा से बड़ा गद्दार कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि दो बार मुख्यमंत्री रह चुके और पेशे से वकील होने के बावजूद हुड्डा राज्यसभा चुनाव में अपना बैलट खाली छोड़कर आए थे। आज हरियाणा की जनता मानती है कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ही बीजेपी की सरकार तीसरी बार बनवाई है।
एसवाईएल नहर को लेकर भी सरकार पर सवाल
हरियाणा के आगामी वित्त वर्ष के बजट में सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान नहीं करने पर भी अभय सिंह चौटाला ने मुख्यमंत्री नायब सैनी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बजट में नहर निर्माण के लिए प्रावधान न करना यह साबित करता है कि मुख्यमंत्री ने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।
उन्होंने कहा कि पंजाब भाजपा के घोषणापत्र में भी कहा गया है कि हरियाणा को पानी की एक बूंद भी नहीं दी जाएगी, जबकि मुख्यमंत्री पंजाब में जाकर बीजेपी के लिए वोट मांगते हैं। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी का कार्यकाल पंजाब विधानसभा चुनाव तक ही सीमित है।
एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने की मांग
अभय सिंह चौटाला ने कहा कि एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार को अफवाहों पर रोक लगाकर लोगों को राहत देनी चाहिए, वरना हालात और खराब हो सकते हैं।
