लखीसराय(सरफराज आलम)स्वास्थ्य विभाग में इन दिनों गार्डों की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। जिले के विभिन्न अस्पतालों में तैनात गार्ड पिछले छह माह से वेतन नहीं मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। वेतन भुगतान नहीं होने से गार्डों के सामने भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे विभागीय व्यवस्था पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
गार्डों ने बताया कि अपनी समस्या को लेकर पिछले महीने तत्कालीन सिविल सर्जन उमेश सिंह को लिखित आवेदन दिया गया था, लेकिन आवेदन के कुछ ही समय बाद उनका तबादला हो गया। इसके बाद नए सिविल सर्जन जय प्रकाश सिंह के समक्ष भी मामला रखा गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।
इस संबंध में डॉक्टर अशोक कुमार ने कहा कि अस्पतालों में गार्डों की भूमिका बेहद अहम होती है। गार्डों की अनुपस्थिति में मरीजों और उनके परिजनों को नियंत्रित करना कठिन हो जाता है, खासकर तब जब मरीजों की संख्या अधिक होती है या परिजन उतावले हो जाते हैं। ऐसे में गार्ड अस्पताल की व्यवस्था संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
गार्डों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। गार्डों का कहना है कि इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
इधर, सुपरवाइजर अवधेश कुमार ने भी गार्डों के आंदोलन को जायज ठहराया है। उन्होंने कहा कि यदि गार्ड हड़ताल पर जा रहे हैं, तो इसके लिए लिपिक, संबंधित अधिकारी और भुगतान से जुड़ी कंपनी की लापरवाही जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि यही लोग गार्डों का हक मार रहे हैं। सुपरवाइजर ने स्पष्ट किया कि गार्ड हर परिस्थिति में ड्यूटी निभाते हैं, इसलिए उन्हें समय पर मेहनताना मिलना ही चाहिए।
फिलहाल, गार्डों की इस समस्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर संकट गहराता नजर आ रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में अस्पतालों की व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।
