चंडीगढ़। हरियाणा में अलग-अलग जिलों में बास्केटबॉल पोल गिरने से दो खिलाड़ियों की हुई दर्दनाक मौत के बाद भी खेल विभाग ने स्वयं को इन घटनाओं से अलग बताते हुए क्लीन चिट दे दी है। रोहतक के लाखनमाजरा में 17 वर्षीय खिलाड़ी हार्दिक और झज्जर के बहादुरगढ़ में 15 वर्षीय खिलाड़ी अमन की मौत के मामलों में विभाग ने किसी भी जिम्मेदारी से इंकार किया है।
न्यूज एजेंसी IANS के अनुसार, दोनों घटनाओं की जांच रिपोर्ट जिला खेल अधिकारियों द्वारा डिप्टी डायरेक्टर को भेजी गई थी। रोहतक के जिला खेल अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि जिस बास्केटबॉल कोर्ट में हार्दिक अभ्यास कर रहा था वह जमीन ब्लॉक समिति लाखनमाजरा के अधीन है और यह कोर्ट खेल विभाग के नियंत्रण में नहीं आता। साथ ही बताया गया कि गांव में खेल विभाग द्वारा केवल कबड्डी की नर्सरी संचालित है, बास्केटबॉल का कोई विभागीय प्रशिक्षक भी वहां नहीं नियुक्त है।
इसी तरह, झज्जर के जिला खेल अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि बहादुरगढ़ स्थित शहीद ब्रिगेडियर होशियार सिंह स्टेडियम भी खेल विभाग के अधीन नहीं है। वहां केवल कुश्ती हॉल का निर्माण खेल विभाग द्वारा कराया गया है और उसी खेल में प्रशिक्षण केंद्र संचालित है। बास्केटबॉल प्रशिक्षण का कोई भी विभागीय प्रावधान नहीं है।
डिप्टी डायरेक्टर स्तर के अधिकारी ने दोनों रिपोर्टों को सही मानते हुए मुख्यालय भेज दिया, जिसके बाद खेल विभाग के सचिव ने भी रिपोर्टों को मंजूरी देते हुए जिला खेल विभागों को पूरी तरह क्लीन चिट दे दी है।
दोनों खिलाड़ियों की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय खेल प्रेमियों में रोष है। उनका कहना है कि खेल अधोसंरचना की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सरकार और विभाग को लेनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
