चंडीगढ़, 01 अक्टूबर( डॉ एम ,पी, भार्गव )। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को दशहरे के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रेस वार्ता में कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि हाल ही में हुई भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित जिलों के 2386 लोगों को 4 करोड़ 72 लाख 6 हजार रुपये का मुआवजा सीधे उनके खातों में भेजा गया है। इसमें 2371 मकानों के नुकसान और 13 पशुओं की हानि का मुआवजा शामिल है।
किसानों के लिए बड़ी राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए गत 15 सितंबर तक ई-मुआवजा पोर्टल पर आवेदन लिए गए, जिसमें 6397 गांवों के 5.37 लाख किसानों ने 31 लाख एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण कराया।
खराब फसलों के लिए प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा।
किसानों के ट्यूबवेल कनेक्शनों के बिजली बिल दिसंबर 2025 तक स्थगित कर दिए गए हैं।
जुलाई 2025 तक देय बिल अब जनवरी 2026 से बिना अतिरिक्त शुल्क के जमा होंगे।
बाढ़ प्रभावित गांवों में किसानों के फसली ऋण की वसूली स्थगित की गई है, जिससे करीब 3 लाख किसान लाभान्वित होंगे।
खरीफ फसलों की खरीद पर अपडेट
सीएम सैनी ने बताया कि राज्य में धान की खरीद 22 सितंबर से शुरू कर दी गई थी। 30 सितंबर तक 5 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हुई, जिसमें से 3.58 लाख मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है और किसानों के खातों में 109 करोड़ रुपये भेजे गए।
इसी तरह, 187.30 मीट्रिक टन बाजरा खरीद संस्थाओं तथा 4970 मीट्रिक टन व्यापारियों द्वारा खरीदा गया। किसानों को बाजरे का MSP 2,775 रुपये प्रति क्विंटल सुनिश्चित किया जाएगा। यदि किसी कारणवश किसानों को कम मूल्य मिला, तो सरकार भावांतर भरपाई करेगी।
पंचायती राज संस्थाओं को राशि जारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य वित्त आयोग की दूसरी किस्त के रूप में 404 करोड़ 79 लाख रुपये की राशि जारी की गई है। यह राशि 5719 पंचायतों, 144 पंचायत समितियों और 3 जिला परिषदों को मिलेगी।
‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ को मिली गति
उन्होंने कहा कि 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना शुरू की गई थी। इसके लिए लॉन्च किए गए लाडो लक्ष्मी ऐप पर महज छह दिनों में 1,71,946 बेटियों ने पंजीकरण कराया है। इस योजना की पहली किस्त 1 नवंबर को लाभार्थियों के बैंक खातों में डाली जाएगी।
सीएम ने महिलाओं से जल्द से जल्द पंजीकरण कराने की अपील की और कहा कि योजना से जुड़ी जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 18001802231 और हेल्पलाइन नंबर 01724880500 भी जारी किए गए हैं।
