बुढ़ापे में हाथ-पैरों का कांपना एक आम समस्या मानी जाती है। कई बुजुर्गों को इस कारण रोजमर्रा के काम जैसे खाना खाना, लिखना, कप पकड़ना या बटन लगाना मुश्किल हो जाता है। अक्सर लोग इसे उम्र का स्वाभाविक असर समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन लगातार या बढ़ती हुई थरथराहट किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकती है। समय रहते जांच कराना जरूरी है, ताकि सही इलाज संभव हो सके। आइए जानते हैं बुजुर्गों में हाथ-पैर कांपने के चार बड़े कारण।
1. एसेंशियल ट्रेमर (आवश्यक कंपन)
यह हाथ-पैर कांपने का सबसे आम कारण है। इसमें हाथों की थरथराहट तब ज्यादा होती है, जब कोई काम किया जा रहा हो, जैसे चम्मच पकड़ना या लिखना। आराम की अवस्था में कंपन कम हो जाता है। यह समस्या अक्सर आनुवंशिक होती है और उम्र के साथ बढ़ सकती है। तनाव, थकान और ज्यादा कैफीन लेने से यह और बढ़ जाती है। यह जानलेवा नहीं होती, लेकिन जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित जरूर करती है।
2. पार्किंसंस रोग
यह एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी है। इसमें हाथों का कंपन आमतौर पर आराम की स्थिति में ज्यादा होता है, जैसे हाथ गोद में रखे हों। काम करते समय कंपन कम हो जाता है। इसके साथ मांसपेशियों में जकड़न, चलने में धीमापन और संतुलन बिगड़ने जैसी समस्याएं भी होती हैं। यह मस्तिष्क में डोपामाइन की कमी के कारण होता है और धीरे-धीरे बढ़ता है।
3. दवाओं के साइड इफेक्ट
बुजुर्ग अक्सर ब्लड प्रेशर, अस्थमा, अवसाद या अन्य बीमारियों की दवाएं लेते हैं। कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट से हाथ-पैर कांपने लगते हैं। अगर किसी नई दवा के बाद यह समस्या शुरू हो तो डॉक्टर को तुरंत बताना चाहिए। इसके अलावा विटामिन बी12 की कमी या थायरॉइड की गड़बड़ी भी कंपन की वजह बन सकती है।
4. अन्य स्वास्थ्य समस्याएं
लो ब्लड शुगर, हाइपरथायरॉइडिज्म, मस्तिष्क की चोट, स्ट्रोक या अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याएं भी हाथ-पैर कांपने का कारण हो सकती हैं। इसके अलावा ज्यादा तनाव, चिंता और नींद की कमी से भी थरथराहट बढ़ जाती है।
क्या करें?
हाथ-पैरों की थरथराहट को नजरअंदाज न करें। डॉक्टर से जांच करवाकर सही कारण पता लगाना जरूरी है। समय पर इलाज, दवाओं में बदलाव, थेरेपी और जीवनशैली में सुधार से इस समस्या पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और तनाव कम करना भी राहत देने में मददगार होता है।
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Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें
