- रिपोर्ट: मंजय वर्मा
पिछले 15 दिनों में देशभर से पुलिस को 42 हजार से अधिक साइबर क्राइम की शिकायतें मिली हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 68% मामले मोबाइल फोन हैक होने से जुड़े हैं। एक क्लिक और पूरा बैंक अकाउंट खाली—पीड़ित के पास बचता है तो सिर्फ़ FIR की कॉपी। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि आज की तारीख में सबसे खतरनाक हथियार आपकी जेब में रखा आपका स्मार्टफोन बन चुका है।
कैसे हो रहा है खेल?
साइबर ठग अब पुराने “लॉटरी लगी है” या “ATM ब्लॉक है” जैसे संदेश नहीं भेजते। अब उनका तरीका बेहद स्मार्ट और खतरनाक हो चुका है।
अब वे आपके दोस्त, गर्लफ्रेंड, पत्नी, बॉस, बैंक मैनेजर या किसी जानकार के नाम से व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजते हैं। मैसेज के साथ आता है एक छोटा सा लिंक—
“भाई, ये फोटो देख”
“आपका पार्सल अटक गया है, यह ट्रैकिंग लिंक है”
“मीटिंग का लिंक भेज रहा हूँ, तुरंत जॉइन करें”
जैसे ही यूज़र लिंक पर क्लिक करता है, फोन में मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है और सिर्फ़ 30 सेकंड के भीतर—
बैंकिंग ऐप
OTP
पासवर्ड
गैलरी की फोटो
सभी कॉन्टैक्ट
ई-वॉलेट
सोशल मीडिया अकाउंट
सब कुछ हैकर के सर्वर तक पहुँच जाता है।
I4C की ताज़ा रिपोर्ट क्या कहती है?
साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की अगस्त से नवंबर 2025 तक की रिपोर्ट बेहद डराने वाली है।
रिपोर्ट के अनुसार—
18 से 35 वर्ष की उम्र के युवा सबसे अधिक शिकार बने हैं
सबसे ज्यादा मामले दिल्ली, यूपी, महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक जैसे राज्यों से
मोबाइल हैकिंग का ग्राफ पिछले 5 महीनों में तिगुना हो गया है
विशेषज्ञ बताते हैं कि हैकर अब AI आधारित टूल से आपकी आवाज़ तक कॉपी कर लेते हैं, ताकि आप लिंक को असली समझकर क्लिक कर दें।
इन गलतियों से ही लुट रहे हैं लोग
अंजान लिंक पर क्लिक करना
फर्जी एप्स डाउनलोड करना
बैंकिंग जानकारी फोन में सेव रखना
पब्लिक Wi-Fi पर UPI ट्रांजैक्शन करना
सोशल मीडिया पर जरूरत से ज्यादा निजी जानकारी शेयर करना
कैसे बचें? साइबर विशेषज्ञों की सलाह
किसी भी लिंक को बिना वेरिफाई क्लिक न करें
व्हाट्सऐप पर आए “देखो ये फोटो” जैसे मैसेज से सावधान
पब्लिक Wi-Fi पर कभी बैंकिंग ऐप न चलाएं
मोबाइल में एंटी-मैलवेयर इंस्टॉल रखें
अंजान नंबर से आए वीडियो कॉल या स्क्रीन शेयरिंग रिक्वेस्ट तुरंत ब्लॉक करें
पासवर्ड बार-बार बदलते रहें
बैंकिंग ऐप के लिए डुअल सिम OTP वेरिफिकेशन करें
साइबर अपराधियों का जाल दिन-ब-दिन फैलता जा रहा है। एक छोटी-सी लापरवाही भी खाता साफ करा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है—
“डिजिटल युग में सुरक्षा आपकी उँगलियों पर है—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।”
