लखनऊ: उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ जी ने 1मई को यहां डाॅ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी के जीवनवृत्त पर आधारित पुस्तक ‘चुनौतियां मुझे पसन्द हैं’ का विमोचन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल जी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उप राष्ट्रपति जी ने कहा कि राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी नारी शक्ति की प्रतीक हैं। राज्यपाल जी न केवल महिलाओं के लिए बल्कि पूरे देश के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं। उनके जीवन पर आधारित पुस्तक ‘चुनौतियां मुझे पसन्द हैं’ हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह पुस्तक महिला उत्थान, उनकी मुक्ति तथा महिलाओं के सशक्तीकरण के उदाहरणों से भरी है। यह पुस्तक बताती है कि राज्यपाल जी को चुनौतियां पसन्द हैं, क्योंकि वे अन्याय से नफरत करती हैं और अन्याय को किसी भी परिस्थिति में सहन नहीं करती हैं।
उप राष्ट्रपति जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारतीय गणतंत्र का सबसे बड़ा प्रदेश है। मुख्यमंत्री जी उत्तर प्रदेश के बेमिसाल 08 साल के नायक हैं। उनके नेतृत्व में विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम प्रयागराज महाकुम्भ के सफल आयोजन में 60 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। यह पहले कभी नहीं हुआ। मुख्यमंत्री जी इस आयोजन के सारथी हैं। विगत लगभग साढ़े आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश की इकोनाॅमी 12.75 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 30 लाख करोड़ रुपये हुई है। हर अर्थशास्त्री के लिए यह शोध का विषय है कि उत्तर प्रदेश किस प्रकार उत्तम प्रदेश बना है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय भी 46,000 रुपये से बढ़कर 1,10,000 रुपये हो गई है। उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को एक युवा मुख्यमंत्री कहा जा सकता है।
उप राष्ट्रपति जी ने कहा कि देश के एक्सप्रेस-वे में 55 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। उत्तर प्रदेश, देश में सर्वाधिक शहरों में मेट्रो संचालित करने वाला राज्य है। राज्य में 04 अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं। उत्तर प्रदेश 16 क्रियाशील एयरपोर्ट के साथ सर्वाधिक एयरपोर्ट वाला राज्य है। जेवर एयरपोर्ट का दुनिया इंतजार कर रही है। उत्तर प्रदेश में देश का पहला वाॅटर-वे है। देश की पहली रैपिड रेल भी यहां संचालित है।
उप राष्ट्रपति जी ने कहा कि चुनौती से पलायन करना, चुनौती के प्रति उदासीन रवैया रखना तथा चुनौती के प्रति निष्क्रिय होना कायरता की निशानी है। पहलगाम की घटना ने हमारे सामने एक चुनौती प्रस्तुत की है, लेकिन हमारे पास प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी जैसा सशक्त नेतृत्व है। पूरे राष्ट्र को एक स्वर में इस चुनौती का सामना करना है। राष्ट्र प्रथम हमारा सिद्धान्त है। राष्ट्रवाद हमारा धर्म है। हम भारतीय हैं और भारतीयता हमारी पहचान है।
उप राष्ट्रपति जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने चुनौतियों को स्वीकार कर उन्हें अवसर में बदला है। इसका परिणाम है कि हर घर में शौचालय, बिजली कनेक्शन, इण्टरनेट, नल से जल की सुविधाएं तथा शिक्षा और स्वास्थ्य की व्यवस्थाएं उपलब्ध हुई हैं। लोगों को काम के लिए किसी और का मोहताज नहीं होना पड़ता है। मुद्रा योजना ने हमारी माताओं-बहनों को बहुत लाभान्वित किया है।
उप राष्ट्रपति जी ने कहा कि भारत आज आशा और सम्भावनाओं से उत्साहित है। हर क्षेत्र में भारत का उदय असाधारण है। ऐसे मौके पर चुनौतियां भी आएंगी, लेकिन हमें चुनौतियों से पलायन नहीं करना चाहिए। हमारी संस्कृति और हमारा दर्शन हमारी ताकत है। जब भी कोई चुनौती आती है, तो हमारे वेद, गीता, रामायण तथा महाभारत जैसे ग्रन्थ हमें मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। हमारा संविधान विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं में आपसी समन्वय, सहयोग तथा संवाद को महत्व देता है। लोकतंत्र, अभिव्यक्ति और संवाद से ही सशक्त होता है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा तथा सबसे पुराना लोकतंत्र है। हमारी सांस्कृतिक विरासत बेमिसाल है। यदि कोई भी इसे चुनौती दे, तो हमें इस चुनौती को स्वीकार करना चाहिए।
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी ने कहा कि आज उप राष्ट्रपति जी द्वारा ‘चुनौतियां मुझे पसन्द हैं’ पुस्तक का विमोचन किया जा रहा है। यह पुस्तक जीवन की चुनौतियांे, परिश्रम तथा आत्मबल का लेखा-जोखा है। आप सभी के जीवन में भी चुनौतियां आयी होंगी। कोई इन चुनौतियांे से डर गया होगा, तो कोई इन्हें पार कर गया होगा। देश के लाखों मेहनतकश मजदूरों के सम्मान में आज की तिथि पुस्तक विमोचन के लिए चुनी गयी।
राज्यपाल जी ने कहा कि हमें श्रमिकों के लिए कुछ न कुछ करने का प्रयास करते रहना चाहिए। श्री काशी विश्वनाथ धाम काॅरिडोर के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री जी ने इस काॅरिडोर के निर्माण में लगे श्रमिकों व वास्तुकारों के पैरों का पूजन किया था। इसी प्रकार प्रयागराज महाकुम्भ-2025 में श्रद्धालुओं की दिन-रात सेवा में लगे कर्मियों का सम्मान मुख्यमंत्री जी द्वारा किया गया था। श्रमिकों के प्रति सम्मान का यही भाव हमारे हृदय में भी होना चाहिए। मुख्यमंत्री जी राज्य को कठिन परिस्थितियों से निकालकर विगत 08 वर्षाें से विकास की ओर ले जा रहे हैं। वह सन्त तथा राजनेता के रूप में देश व प्रदेश को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि हम सभी के जीवन में कभी न कभी चुनौतियां अवश्य आती हैं। चुनौतियांे के बिना जीवन सारहीन होता है। अवसर सभी को प्राप्त होते हैं, लेकिन कुछ लोग बिखर जाते हैं, तो कुछ निखर जाते हैं। वही लोग निखरते हैं, जो हंसते-हंसते चुनौती को स्वीकार करते हैं। चुनौतियों से पलायन करने वाले लोग ही बिखरते हैं। चुनौतियों से पलायन करना पतन का मार्ग होता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी की जीवनी पर आधारित महत्वपूर्ण कृति ‘चुनौतियां मुझे पसन्द हैं’ का विमोचन उप राष्ट्रपति जी के कर-कमलों से सम्पन्न किया जा रहा है। इस पुस्तक के लेखक श्री विनय जोशी, श्री अशोक देसाई तथा श्री पंकज जानी हैं। इन लेखकों ने आनंदीबेन जी के जीवन के प्रत्येक पहलू को लिपिबद्ध किया है। इस पुस्तक के 14 अध्याय समुद्र मंथन में निकले 14 रत्नों के समान हैं। इस पुस्तक के मुख्य अंशों को हम सभी ने यहां वृत्तचित्र के माध्यम से देखा है। राज्यपाल जी की जीवनी पर आधारित यह कृति समाज के लिए नई प्रेरणा है। लोकतंत्र में अभिव्यक्ति महत्वपूर्ण होती है। लोकतंत्र तभी कुंद होता है, जब सुनने वाला तैयार नहीं होता है। यह किताब लोकतंत्र की कृति बनेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम अक्सर शिखर को देखते हैं, उसकी नींव बनाने में लगी मेहनत को देखने का प्रयास नहीं करते। एक छोटे से गांव में सामान्य किसान परिवार में जन्म लेकर शून्य से शिखर तक की यात्रा को तय करना किसी भी महिला के लिए अत्यन्त दुरुह कार्य समझा जाता है। वैष्णव तथा किसान परिवार की किसी बेटी द्वारा स्कूल जाकर शिक्षा ग्रहण करना आज से 07 दशक पूर्व कल्पना मात्र थी। वह बेटी अपनी जिजीविषा तथा माता-पिता के सहयोग से चुनौतियांे का सामना करते हुए आगे बढ़ी। माता-पिता के संस्कार और उनके संघर्ष बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरन्तर संघर्ष करने के भाव के परिणामस्वरूप आनंदीबेन जी को शिक्षिका, प्रधानाचार्य, विधान सभा व राज्य सभा सदस्य, गुजरात सरकार में मंत्री, गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री तथा देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की राज्यपाल के रूप में अपने कर्तव्यों और दायित्वों के निर्वहन का अवसर प्राप्त हुआ। हम सभी को उनके यशस्वी कार्यकाल तथा कार्यक्रमों को बहुत नजदीक से देखने, सुनने तथा जानने का अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने राज्यपाल जी के दीर्घ व स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन प्रदेशवासियों को खासतौर से आधी आबादी को इसी प्रकार प्राप्त होता रहे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से प्रयागराज महाकुम्भ-2025 को वैश्विक स्तर पर प्रसिद्धि प्राप्त हुई। महाकुम्भ में उप राष्ट्रपति जी की प्रेरणादायी उपस्थिति रही। उप राष्ट्रपति जी को भी चुनौतियां पसंद है। कुछ दिन पहले इनका स्वास्थ्य सही नहीं था। जैसे ही स्वस्थ हुए पूरे देश में दौरे शुरू हो गए।
पुस्तक विमोचन से पूर्व, उप राष्ट्रपति जी ने प्रदेश के 34 विश्वविद्यालयों की पुस्तकों के स्टाॅलों का अवलोकन किया।
इस अवसर पर उप राष्ट्रपति जी की धर्मपत्नी डाॅ0 सुदेश धनखड़, स्वामी चिदानन्द सरस्वती, विधान सभा अध्यक्ष श्री सतीश महाना, उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य व श्री ब्रजेश पाठक, वित्त मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना, जल शक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण, मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार सिंह, श्रीमती अनार पटेल, श्री संजय भाई तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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