पाकिस्तान को सख्त संदेश: परमाणु ब्लैकमेल से लेकर आतंकवाद तक, एस. जयशंकर ने दिए तीन कड़े संदेश
विदेश मंत्री ने बर्लिन में जर्मन नेतृत्व को भारत की आतंकवाद के खिलाफ नई नीति से कराया अवगत
बर्लिन:भारत आतंकवाद पर सख्त, परमाणु ब्लैकमेल को नहीं देगा महत्व: एस. जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जर्मनी में स्पष्ट कहा कि भारत आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा और न ही कभी परमाणु ब्लैकमेल के आगे झुकेगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि पाकिस्तान से भारत केवल द्विपक्षीय तरीके से निपटेगा और इसमें किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं होगी।
जर्मनी ने पहलगाम हमले की निंदा की, भारत के साथ एकजुटता जताई
बर्लिन में जर्मन समकक्ष योहान वेडफुल के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में वेडफुल ने कहा कि जर्मनी पहलगाम में हुए आतंकी हमले से स्तब्ध है और उसने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का दुनिया में कहीं भी कोई स्थान नहीं होना चाहिए और जर्मनी आतंकवाद से लड़ने वालों के साथ खड़ा रहेगा।
ऑपरेशन ‘सिंदूर’ को लेकर जर्मनी ने भारत के आत्मरक्षा अधिकार को माना
जयशंकर ने बताया कि उन्होंने 7 मई को ऑपरेशन ‘सिंदूर’ शुरू होने के दिन ही वेडफुल से बातचीत की थी और जर्मनी की इस समझदारी की सराहना की थी कि हर राष्ट्र को आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा का अधिकार है।
सुरक्षा व रणनीतिक साझेदारी पर भारत-जर्मनी में बनी सहमति
विदेश मंत्री जयशंकर ने जर्मनी को एक अहम रणनीतिक साझेदार बताया और कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया जाएगा। वेडफुल ने भी भारत को एक मजबूत सुरक्षा नीति वाली शक्ति बताया और नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था के समर्थन में दोनों देशों के साझा दृष्टिकोण को रेखांकित किया।
संघर्ष विराम की स्थिरता जरूरी, द्विपक्षीय समाधान की वकालत
वेडफुल ने भारत-पाक संघर्ष के बीच 10 मई को हुई संघर्ष विराम की सराहना करते हुए कहा कि अब यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि यह शांति बनी रहे और दोनों देश आपसी संवाद से समाधान निकालें।
रूस, जापान, यूएई सहित 33 देशों में भारत की कूटनीतिक मुहिम
जयशंकर ने बर्लिन में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ और विदेश नीति सलाहकार गंटर सॉटर से भी मुलाकात की। साथ ही, रूस में द्रमुक सांसद कनिमोई करुणानिधि के नेतृत्व में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने रूसी सांसदों से भारत की आतंकवाद विरोधी नीति पर चर्चा की।
रूस और जापान ने भारत की आतंकवाद विरोधी नीति को बताया जायज़
रूस के उपविदेश मंत्री अंद्रेई रुडेन्को और जापान के स्पीकर फुकुशिरो नुकागा ने भारत के रुख को समर्थन दिया और भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति की सराहना की। जापान-भारत संसदीय मैत्री संघ ने भी भारत की नीतियों को समर्थन देने की बात कही।
यूएई में भी भारत की नीति को मिला समर्थन
यूएई में शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व में एक अन्य प्रतिनिधिमंडल ने अबू धाबी में आतंकवाद से मुकाबले और कट्टरवाद पर अंकुश के लिए सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
33 देशों में 7 सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेज रहा भारत
भारत ने पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद को उजागर करने और विश्व समुदाय से इस पर दबाव डालने के लिए 33 देशों में 7 सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजे हैं। इनका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के रुख को मजबूती से रखना और वैश्विक सहयोग सुनिश्चित करना है।
