पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखवीर ने अभय सिंह को बताया चौधरी देवी लाल का असल राजनीतिक वारिश, लोगों ने कहा रैली नहीं रेला है…

रोहतक ,हरियाणा ( एम पी भार्गव) ताऊ देवीलाल की 112 वीं जयंती पर इनैलो द्वारा 25 सितंबर को रोहतक में आयोजित सम्मान दिवस समारोह में उमड़ी भीड़ उस समय उत्साहित होकर नाचने पर मजबूर हो गई,जब तेलंगाना की पूर्व सांसद कविता ने कहा कि इतनी भीड़ देखकर लगता है कि यह इनैलो सुप्रीमो अभय चौटाला का शपथ ग्रहण समारोह है। रैली को रैला में तबदील करने में देसवाली बैल्ट की अहम् भूमिका रही,जिसे पूर्व कांग्रेस मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा का गढ़ कहा जाता है। सम्मान दिवस समारोह ने भूपेंद्र हुड्डा के इस कथित गढ़ के सभी राजनीतिक समीकरण गड़बड़ा दिये है, जिससे हुड्डा के राजनीतिक भविष्य पर ग्रहण लग सकता है। समारोह में शामिल हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री पंजाब सुखबीर बादल ने अभय चौटाला को ताऊ देवीलाल का राजनीतिक वारिस बताया, वहीं कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री संपत सिंह ने इनैलो सुप्रीमो अभय चौटाला को संधर्षशील और बात का धनी दबंग राजसी दिग्गज बताते हुए कहा कि अभय चौटाला का राजनीतिक संधर्ष अवश्य रंग लायेगा। भारी संख्या में ताऊ देवीलाल सम्मान दिवस पर पहुंचे पुरुष, महिला और युवा वर्ग ने अभय चौटाला के राजनीतिक संधर्ष में भागीदारी करने का आश्वासन देकर हरियाणा की राजनीति में बदलाव की नींव रख दी है। पलवल से चंडीगढ़ की दूरी 331 कि भी के सफर तय करने के लिए पलवल क्षेत्र के लोगों ने 331 मीटर की हरी पगड़ी अभय चौटाला को भेंट कर अपने खुले समर्थन का संकेत दिया। सम्मान दिवस में राजसी दिग्गजों ने ताऊ देवीलाल की कार्यशैली को तरोताजा करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी, वहीं अभय चौटाला के राजनीतिक संधर्ष की सराहना की। राजनीतिक गलियारों में चर्चा छिड़ गई है कि अभय चौटाला के इस सर्जीकल स्ट्राइक ने भूपेंद्र हुड्डा के उन राजनीतिक घावों पर नमक छिड़क दिया है जो पहले ही दर्द बढ़ाये हुए हैं। हुड्डा का अपने ही कथित गढ़ में खिसकते जनाधार को शुभ संकेत नहीं कहा जा सकता। सम्मान दिवस समारोह से संकेत मिलता है कि अब हरियाणा में इनैलो की राजनीतिक रफ्तार बढ़ेगी और वर्ष 2029 के विधानसभा चुनाव में इनैलो का शक्ति प्रदर्शन मजबूत दिखाई दे सकता है।

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