पंजाब में बाढ़ से हाहाकार: 12 जिले प्रभावित, 30 की मौत, 15 लाख लोग संकट में

चंडीगढ़। उत्तर भारत इन दिनों भारी बारिश और बाढ़ की चपेट में है, लेकिन सबसे भयावह स्थिति पंजाब की है। पिछले कुछ दिनों से जारी लगातार बारिश ने राज्य में तबाही मचा दी है। सतलज, ब्यास, रावी और घग्गर जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं।

12 जिले डूबे, 15 लाख प्रभावित
रिपोर्ट्स के अनुसार, पंजाब के 12 जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। अब तक 1,000 से ज्यादा गांव पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं। बाढ़ से 30 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 15 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने राहत अभियान चलाकर 3 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया है।

फसलों का हुआ भारी नुकसान
पंजाब की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है। बाढ़ ने किसानों की हालत बिगाड़ दी है। लगभग 3 लाख एकड़ फसल प्रभावित हुई है। धान, मक्का और कपास जैसी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति और राज्य की कृषि उत्पादन क्षमता पर बड़ा असर पड़ेगा।

मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पंजाब में रेड अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश की वजह से राहत और बचाव कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं और हालात का जायजा ले रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने ली जानकारी
SCO सम्मेलन से लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से फोन पर बात कर बाढ़ की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।

अन्य राज्यों में भी असर
मूसलाधार बारिश का असर अन्य राज्यों में भी दिख रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद नैनीताल, शिमला, चंडीगढ़, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में 3 सितंबर को सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.