Firecracker Rules 2025: गुजरात सरकार ने दिवाली पर पटाखों की बिक्री और फोड़ने के समय पर लगाई सख्त पाबंदी, सिर्फ ग्रीन क्रैकर्स की अनुमति
अहमदाबाद। दिवाली को लेकर गुजरात सरकार ने इस बार पटाखों की बिक्री, उपयोग और आयात पर कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। वायु और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से सरकार ने कहा है कि लोग केवल रात 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे फोड़ सकेंगे। इसके अलावा, जोरदार आवाज वाले पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
केवल ग्रीन पटाखों की होगी अनुमति
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस बार केवल ग्रीन क्रैकर्स (Green Crackers) की अनुमति दी जाएगी। ये पटाखे पारंपरिक पटाखों की तुलना में कम प्रदूषण फैलाते हैं और पर्यावरण के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाते हैं।
जो लोग इन नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ पटाखे जब्त करने और कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान है। राज्य सरकार ने यह भी कहा है कि सभी नागरिकों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।
प्रशासन करेगा सख्त निगरानी
गृह विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस अधिकारियों और नगर निकायों को निर्देश दिए हैं कि वे इन नियमों का सख्ती से पालन करवाएं। किसी भी उल्लंघन की स्थिति में तुरंत कार्रवाई और दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे दिवाली को खुशी और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी के साथ मनाएं। इको-फ्रेंडली दिवाली मनाने से न केवल उत्सव का आनंद बरकरार रहेगा, बल्कि पर्यावरण की रक्षा में भी योगदान मिलेगा।
क्यों खतरनाक हैं पारंपरिक पटाखे?
विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य पटाखों में पोटेशियम नाइट्रेट, सल्फर, चारकोल, बेरियम नाइट्रेट, स्ट्रॉन्शियम नाइट्रेट और कॉपर कंपाउंड्स जैसे हानिकारक रसायन होते हैं। इनके जलने पर कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और सल्फर ऑक्साइड्स जैसी जहरीली गैसें निकलती हैं, जो सांस से जुड़ी बीमारियों, एलर्जी और फेफड़ों के संक्रमण का खतरा बढ़ाती हैं।
सरकार की अपील
राज्य सरकार ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस दिवाली ग्रीन क्रैकर्स का उपयोग करें, निर्धारित समय सीमा का पालन करें और स्वच्छ व सुरक्षित वातावरण बनाए रखने में सहयोग दें।
“पर्यावरण की रक्षा भी एक उत्सव है — इसे जिम्मेदारी से मनाएं।”
