Filmmaker Sanjay Gupta Death: फिल्ममेकर संजय गुप्ता का निधन, बाथरूम में गिरने से सिर में लगी थी चोट

Filmmaker Sanjay Gupta: बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री से दुखद खबर सामने आई है। मशहूर फिल्ममेकर, निर्देशक और निर्माता संजय गुप्ता का 59 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, 30 अक्टूबर 2026 की रात वह अपने घर के बाथरूम में गिर गए थे। इस घटना में उनके सिर पर चोट लगी। 31 अक्टूबर की सुबह उनके निधन की खबर सामने आई। उनके अचानक चले जाने से फिल्म जगत में शोक की लहर है।

फिल्ममेकर अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर संजय गुप्ता के निधन की पुष्टि की। उन्होंने इस खबर पर दुख जताते हुए उन्हें शानदार कहानीकार, जीवंत व्यक्तित्व और जुनूनी फिल्ममेकर बताया। वहीं, IANS की रिपोर्ट के अनुसार, संजय गुप्ता के करीबी सूत्रों ने बताया कि बाथरूम में गिरने के बाद सिर में चोट लगने से उनका निधन हुआ।

Filmmaker Sanjay Gupta: रात में बाथरूम में गिरने से हुआ हादसा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संजय गुप्ता 30 अक्टूबर की रात अपने घर के बाथरूम में गिर गए थे। इस दौरान उनके सिर में चोट लगी। बताया गया है कि घटना के समय किसी को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। 31 अक्टूबर की सुबह उनके निधन की खबर सामने आई।

फिल्म ट्रेड मैगजीन फिल्म इंफॉर्मेशन ने भी उनके निधन की खबर प्रकाशित की। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में घटना की परिस्थितियों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई थी। परिवार की ओर से आगे की जानकारी और अंतिम संस्कार से जुड़ी घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।

Filmmaker Sanjay Gupta:अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर दी श्रद्धांजलि

फिल्ममेकर अशोक पंडित ने संजय गुप्ता के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि यह खबर बेहद चौंकाने वाली और दुखद है। अशोक पंडित ने संजय गुप्ता को शानदार कहानीकार और जुनूनी फिल्ममेकर बताते हुए कहा कि उनका जाना फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति है।

उनकी पोस्ट के बाद फिल्म जगत से जुड़े लोगों और प्रशंसकों ने भी संजय गुप्ता को श्रद्धांजलि दी। उनके साथ काम कर चुके कलाकारों और सहयोगियों के लिए यह खबर गहरा सदमा लेकर आई है।

Filmmaker Sanjay Gupta: आतिश’ से शुरू हुआ था निर्देशन का सफर

संजय गुप्ता ने वर्ष 1994 में फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ से बतौर निर्देशक बॉलीवुड में शुरुआत की थी। इस फिल्म में संजय दत्त और आदित्य पंचोली मुख्य भूमिकाओं में थे। पहली ही फिल्म से उन्होंने एक्शन और क्राइम ड्रामा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनानी शुरू कर दी थी।

इसके बाद उन्होंने ‘राम शास्त्र’, ‘जंग’ और ‘खौफ’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। उनकी फिल्मों में एक्शन, दमदार संवाद और स्टाइलिश कहानी कहने का अंदाज प्रमुख रूप से दिखाई देता था।

Filmmaker Sanjay Gupta: ‘कांटे’ और ‘शूटआउट एट वडाला’ से मिली खास पहचान

संजय गुप्ता की चर्चित फिल्मों में ‘कांटे’ का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। वर्ष 2002 में आई इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, महेश मांजरेकर और लकी अली जैसे कलाकार नजर आए थे।

इसके अलावा उन्होंने ‘मुसाफिर’, ‘जिंदा’, ‘जज़्बा’, ‘मुंबई सागा’ और ‘काबिल’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। ‘शूटआउट एट वडाला’ भी उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल रही। मुंबई के अपराध जगत और गैंगस्टर कहानियों पर आधारित फिल्मों को बड़े पर्दे पर पेश करने के उनके अंदाज ने उन्हें अलग पहचान दिलाई।

Filmmaker Sanjay Gupta: निर्देशन के साथ फिल्म निर्माण में भी रहे सक्रिय

संजय गुप्ता केवल निर्देशक ही नहीं, बल्कि निर्माता और स्क्रीनराइटर के रूप में भी सक्रिय रहे। उन्होंने ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’, ‘प्लान’, ‘वुडस्टॉक विला’, ‘एसिड फैक्ट्री’ और ‘पंख’ जैसी फिल्मों का निर्माण किया।

उनकी फिल्मों में संजय दत्त के साथ कई बार काम करने का सिलसिला भी देखने को मिला। ‘कांटे’, ‘मुसाफिर’, ‘जिंदा’ और ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ जैसी फिल्मों से उनका जुड़ाव रहा।

Filmmaker Sanjay Gupta:  आखिरी फिल्म ‘द मिरांडा ब्रदर्स’ रही

संजय गुप्ता के करियर की आखिरी फिल्मों में ‘द मिरांडा ब्रदर्स’ शामिल रही, जो 2025 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में हर्षवर्धन राणे और मीजान जाफरी नजर आए थे। फिल्म की कहानी दो भाइयों और फुटबॉल के इर्द-गिर्द घूमती है।

करीब तीन दशक के फिल्मी करियर में संजय गुप्ता ने निर्देशन, लेखन और निर्माण के क्षेत्र में काम किया। उनकी फिल्मों और खास अंदाज को हिंदी सिनेमा में लंबे समय तक याद किया जाएगा।

 

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