फरीदाबाद: साइबर क्राइम थाना एनआईटी में रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा, 19 लाख रुपये की रिश्वत के मामले में 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड

फरीदाबाद: फरीदाबाद के साइबर क्राइम थाना एनआईटी में रिश्वतखोरी के मामले में 19 लाख रुपये की रिश्वत की रकम मिलने के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि थाना के अन्य पुलिसकर्मी भी इस घोटाले में शामिल थे और वे लाखों रुपये रिश्वत के तौर पर लोगों से वसूल रहे थे। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के सूत्रों के अनुसार, मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं और जांच जारी है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, एक मामले में आरोपी को छोड़ने के नाम पर पुलिसकर्मियों ने दिल्ली के रोहिणी से पैसे लिए थे, लेकिन बाद में आरोपी को नैनीताल जाकर गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान, आरोपियों के दो अन्य दोस्तों को छोड़ने के बदले भी पैसे वसूले गए।

ठगी के मामले में एफआईआर के बाद कार्रवाई
यह मामला 27 फरवरी 2024 का है, जब साइबर क्राइम थाना एनआईटी में ठगी की धारा में एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में पर्वतिया कॉलोनी निवासी संजीव की शिकायत पर जांच शुरू हुई। जांच में निशिल, उत्सव, विशाल सहित कुल पांच लोग आरोपी पाए गए।

आरोपी निशिल का एसीबी को बयान
निशिल गर्ग ने एसीबी को शिकायत में बताया कि 1 सितंबर 2024 को वह अपने दोस्तों लक्ष्य और दिवेश के साथ निजी काम से नैनीताल गया था। 2 सितंबर को फरीदाबाद पुलिस ने नैनीताल में उसे और उसके दोस्तों को गिरफ्तार कर साइबर क्राइम थाना एनआईटी लाया। पुलिस ने उसे ठगी के मामले में गिरफ्तार कर 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी, जबकि उसके दो दोस्तों को रुपये लेकर छोड़ दिया।

पुलिसकर्मियों की रकम मांगने की रिकॉर्डिंग
निशिल ने आरोप लगाया कि एसआई अर्जुन और एसआई राम ने उसे 5 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर रखा और बाद में कोर्ट में पेश किया, जिससे उसकी जमानत हो गई। फिर 15 नवंबर को विशाल को दिल्ली के रोहिणी से गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद, दोनों पुलिसकर्मियों ने विशाल की जमानत के लिए 15 लाख रुपये की मांग की। इसमें से 7 लाख 50 हजार रुपये 17 नवंबर को फरीदाबाद के सेक्टर-15 मार्केट में पुलिसकर्मियों को दिए गए। 21 नवंबर को एसआई अर्जुन ने निशिल से 5 लाख रुपये और विशाल की जमानत के लिए बाकी 7.5 लाख रुपये की मांग की। निशिल ने इस कॉल की रिकॉर्डिंग कर एसीबी को शिकायत दी।

एसआई रंगे हाथ पकड़े गए
21 नवंबर की रात एसीबी ने इंस्पेक्टर शोरनलाल की अगुवाई में छापेमारी कर साइबर क्राइम थाना एनआईटी के एसआई अर्जुन को 12 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। इस दौरान एसआई राम फरार हो गया, जबकि अर्जुन की कार से 7 लाख 47 हजार रुपये बरामद हुए। एसीबी को शक है कि यह रकम भी रिश्वत के रूप में ली गई थी। कुल मिलाकर, आरोपियों से 19 लाख 97 हजार रुपये की रकम बरामद की गई।

फरीदाबाद पुलिस ने की कार्रवाई
एसीबी ने फरार एसआई राम की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन वह अभी तक पकड़ में नहीं आया है। फरीदाबाद पुलिस ने मामले में संज्ञान लेते हुए दोनों सब-इंस्पेक्टरों को निलंबित कर दिया है, जबकि थाना प्रभारी (एसएचओ) को भी सस्पेंड किया गया है।

इस मामले ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है और जांच जारी है, जिसमें और भी कई राज खुलने की संभावना जताई जा रही है।

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.