रामपुर। रामपुर रज़ा पुस्तकालय एवं संग्रहालय में दिनांक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चल रहे स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत, विश्व धरोहर दिवस (18 अप्रैल) के अवसर पर “संस्कृति की पहचान – स्वच्छता से सजी धरोहर” विषय पर दुर्लभ कलाकृतियों की एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। यह प्रदर्शनी 17 अप्रैल से 30 अप्रैल 2025 तक आमजन के लिए खुली रहेगी।
इस प्रदर्शनी का उद्घाटन पुस्तकालय के निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र द्वारा किया गया। उद्घाटन अवसर पर डॉ. मिश्र ने अपने संबोधन में स्वच्छता और सांस्कृतिक धरोहरों के मध्य गहरे संबंध को रेखांकित करते हुए कहा, “हमारी धरोहर तभी सुरक्षित रह सकती है जब हम स्वच्छता को अपनी संस्कृति का हिस्सा मानें और उसे जीवनशैली में आत्मसात करें।”
उन्होंने आगे कहा, “रामपुर रज़ा पुस्तकालय एवं संग्रहालय न केवल ज्ञान का भंडार है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का एक जीवंत प्रतीक भी है। आज जब हम ‘संस्कृति की पहचान स्वच्छता से सजी धरोहर’ विषय पर आधारित दुर्लभ कलाकृतियों की इस प्रदर्शनी का उद्घाटन कर रहे हैं, तो यह केवल एक कला-प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक सामाजिक संदेश भी है। हमारी धरोहरें – चाहे वे पांडुलिपियाँ हों या चित्रकला – हमारे अतीत की अमूल्य कहानियाँ समेटे हुए हैं। इन्हें संरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है, और यह तभी संभव है जब हम स्वच्छता को एक जीवनशैली के रूप में अपनाएँ।”
डॉ. मिश्र ने यह भी उल्लेख किया कि स्वच्छता केवल भौतिक सफाई नहीं, बल्कि विचार, संस्कृति और व्यवहार की भी होती है। उन्होंने कहा, “एक स्वच्छ परिसर, एक स्वच्छ समाज और एक स्वच्छ सोच ही हमारी धरोहरों को सही मायनों में सम्मान देती है।”
प्रदर्शनी के माध्यम से कला और इतिहास के प्रति जनमानस में रुचि बढ़ाने के साथ-साथ स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना भी इसका उद्देश्य है। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई।
विश्व धरोहर दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष आयोजन में बड़ी संख्या में कलाप्रेमी, इतिहास के विद्यार्थी एवं स्थानीय नागरिकों की भागीदारी रही। आयोजकों द्वारा सभी को प्रदर्शनी में सहभागी बनने तथा स्वच्छता को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संदेश दिया गया।
