रामपुर। जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं और डॉक्टरों की लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। अस्पताल में सुबह ओपीडी का समय 9:00 बजे से लेकर दोपहर 2:00 बजे तक तय है, लेकिन हैरत की बात है कि कई डॉक्टर समय पर अपनी सीटों पर मौजूद नहीं रहते।
शनिवार सुबह का नजारा देख मरीज और तीमारदार हैरान रह गए। इलाज की उम्मीद में दूर-दराज से आए लोग डॉक्टरों के कमरों के बाहर घंटों इंतजार करते रहे, मगर डॉक्टर गायब रहे।
मरीजों और परिजनों ने जब अस्पताल के सीएमएस से शिकायत करनी चाही तो गेट पर तैनात वॉचमैन ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।
लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल पूरी तरह से राम भरोसे चल रहा है। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक द्वारा अस्पतालों में समयबद्धता और व्यवस्थाओं को सुधारने के आदेश केवल कागज़ों तक ही सीमित हैं। वहीं, जिले के सीएमओ और सीएमएस इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए हैं।
मरीजों और परिजनों की परेशानी का यह नजारा किसी ने मोबाइल से रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद प्रशासनिक जिम्मेदारी और भी सवालों के घेरे में आ गई है।
सवाल यह है कि जिला अस्पताल में डॉक्टरों की गैरहाजिरी और अव्यवस्थाओं पर आखिर कब तक आंखें मूंदे बैठे रहेंगे जिम्मेदार अधिकारी?
