आज जानी थी इंजीनियर दूल्हा योगेंद्र की बारात, लेकिन घर पहुंचा शव – डंपर ने कुचला, ससुराल और गांव में मातम
रामपुर के टांडा थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में युवक की दर्दनाक मौत, शादी से ठीक पहले उजड़ा घर
रामपुर। खुशियों की जगह मातम, बारात की जगह अर्थी और बैंड-बाजे की जगह सन्नाटा… रामपुर जिले के टांडा थाना क्षेत्र में उस वक्त दिल दहला देने वाला मंजर देखने को मिला जब केमिकल इंजीनियर दूल्हा योगेंद्र उर्फ राजू की शादी के दिन ही एक तेज रफ्तार डंपर ने उसकी जान ले ली। ससुराल और घर, दोनों जगह मातम पसरा हुआ है। गांव के लोग इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं।
गांव में पसरा मातम, सपनों की शादी बनी मौत की खबर
घटना गांव सीकनपुर और राणा शुगर मिल के बीच की है, जहां योगेंद्र बाइक से गुरुद्वारे माथा टेकने जा रहे थे। बताया जा रहा है कि आज ही उनकी बारात हजरत नगर से बुरहानपुर अलीगंज जानी थी। कल ही लगन की रस्में हुई थीं, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
डंपर ने रौंदा, मौके पर ही हुई मौत
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज रफ्तार डंपर ने इंजीनियर दूल्हे को जोरदार टक्कर मारी और फिर सर पर चढ़ाते हुए फरार हो गया। दुल्हन की मेंहदी भी नहीं सूखी थी और इधर योगेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। सिर बुरी तरह से कुचल गया था। हादसा इतना भयावह था कि देखने वालों की आंखें भर आईं।
शव पहुंचा मोर्चरी, परिवार सदमे में
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी है। दूल्हे के भाई-बहन, माता-पिता और परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के बुजुर्ग प्यारे लाल ने बताया कि राजू अपने व्यवहार और मेहनत के लिए पूरे गांव में जाना जाता था।
खनन माफिया के आगे बेबस प्रशासन?
इस हादसे के बाद फिर से सवाल उठने लगे हैं कि आखिर अवैध खनन और बेलगाम डंपरों पर रोक क्यों नहीं लग रही? स्थानीय लोग बताते हैं कि स्वार और टांडा थाना क्षेत्रों में धड़ल्ले से अवैध खनन हो रहा है और भारी डंपर दिन-रात सड़कों पर दौड़ रहे हैं। प्रशासन और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठे नजर आ रहे हैं।
एसपी ने दिया आश्वासन, FIR दर्ज
रामपुर के पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्रा ने कहा है कि इस दुखद हादसे में अभियोग दर्ज कर लिया गया है और पुलिस टीम को वाहन जब्त व ड्राइवर की गिरफ्तारी के लिए लगाया गया है। आगे कानूनी कार्रवाई करते हुए दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।
यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासन की लापरवाही और अवैध खनन माफिया के आतंक का परिणाम है। यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद एक घर उजड़ने से बच जाता।
