कानपुर और लखनऊ में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन निजी ऑपरेटरों के हवाले, हरित परिवहन की ओर यूपी का बड़ा कदम
- रिपोर्ट- मंजय वर्मा
लखनऊ/कानपुर। उत्तर प्रदेश सरकार ने शहरी परिवहन को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया है। अब कानपुर नगर और लखनऊ नगर में निजी ऑपरेटरों के माध्यम से इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर, किफायती और आरामदायक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।
हर शहर में 10 विशेष मार्गों पर इलेक्ट्रिक बसें
परियोजना के तहत कानपुर और लखनऊ में 10-10 विशेष मार्गों पर न्यूनतम 10 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन अनिवार्य किया गया है। कोई भी संचालक एक या एक से अधिक मार्गों के लिए निविदा में भाग ले सकता है, लेकिन एक ही मार्ग पर दो बस ऑपरेटरों को अनुमति नहीं होगी।
कानपुर के चयनित मार्ग
रामादेवी–जाजमऊ, फलजोड़–रूपा, गोविंद नगर–अनवरगंज, कानपुर सेंट्रल स्टेशन–नवीन मार्केट, कानपुर रेलवे स्टेशन–बर्रा वर्ल्ड बैंक, कानपुर रेलवे स्टेशन–किदवई नगर, कानपुर सेंट्रल स्टेशन–रावतपुर, कानपुर शहर–सुजाता नगर और कानपुर शहर–चकेरी।
लखनऊ के चयनित मार्ग
चारबाग–बाराबंकी, कानपुर–एयरपोर्ट, आलमबाग–मोहनलालगंज, चौक–इंदिरानगर, हजरतगंज–मोहान रोड, चारबाग–माल एवेन्यू, चारबाग–दुर्गा मंदिर, हजरतगंज–अमौसी, इटौंजा–मलिहाबाद और चारबाग–काकौरी।
बस संचालन की प्रमुख विशेषताएँ
संचालन केवल कानपुर नगर और लखनऊ नगर में।
प्रत्येक मार्ग पर न्यूनतम 10 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन।
फेयरबॉक्स कलेक्शन और संचालन से प्राप्त राजस्व का अधिकार निजी ऑपरेटरों को लाइसेंस शुल्क की शर्त पर मिलेगा।
नगर निगम/सिटी ट्रांसपोर्ट प्राधिकरण डिपो स्थल और चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध कराएगा।
पूरी प्रक्रिया ई-टेंडर के माध्यम से होगी।
निविदा प्रक्रिया
विस्तृत जानकारी etender.up.nic.in
पर उपलब्ध है। निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितम्बर 2025, अपराह्न 2:00 बजे तक तय की गई है।
हरित नगरीय परिवहन की दिशा में बड़ा कदम
शहरी परिवहन निदेशालय, उत्तर प्रदेश की यह पहल न केवल आमजन की यात्रा को और सुगम बनाएगी बल्कि प्रदूषण कम करने, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और हरित गतिशीलता की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
