- रिपोर्ट- शिवेंदु श्रीवास्तव
सोनभद्र (करमा)। स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बारी महेवा में केवाईसी प्रक्रिया में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री विद्यावती द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए घर-घर फोन कर ओटीपी पूछकर केवाईसी कराया जा रहा था। इसी लापरवाही के चलते गांव के सेराज नामक युवक साइबर ठगी का शिकार हो गया और उसके खाते से 99 हजार रुपये साफ हो गए।
जानकारी के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री ने जिला स्तर से अधिकारी का हवाला देकर ग्रामीणों से सही जानकारी देने को कहा। इस दौरान आंगनबाड़ी ने अपनी सूची से नाम-पता साझा कर दिया, जिसमें सेराज की पत्नी का नाम भी शामिल था। आंगनबाड़ी के कहने पर सेराज ने फोन पर अपनी बैंक संबंधी जानकारी दे दी। इसके बाद फ्रॉड गिरोह ने खाते से 99 हजार रुपये उड़ा दिए।
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ लोगों ने खाते में धनराशि कम होने की बात बताकर ठगी से खुद को बचा लिया, लेकिन सेराज जानकारी साझा कर बैठा और उसका खाता खाली हो गया। घटना के बाद गांव में यह मामला बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है।
पीड़ित सेराज ने थाने में तहरीर दी और ऑनलाइन 1930 नंबर पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। भुक्तभोगी ने पुलिस अधीक्षक और सीडीपीओ का ध्यान आकर्षित कराते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री की भूमिका की भी जांच कर उचित कार्यवाही की मांग की है।
