स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर डीएम मिथिलेश मिश्र सख्त,तुरंत सुधार के निर्देश

OPD,भव्या पोर्टल और M-ASHA की समीक्षा में खुलीं बड़ी खामियाँ, इन संस्थाओं के वेतन पर रोक

लखीसराय(सरफराज आलम) समाहरणालय,लखीसराय स्थित मंत्रणा कक्ष में जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।

बैठक में आयुष्मान भारत, टीबी मुक्त भारत, भव्या पोर्टल, मातृत्व मृत्यु समीक्षा, पोलियो अभियान, परिवार नियोजन सहित विभाग के अन्य प्रमुख कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई।

भव्या पोर्टल की समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि जिले के कई स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा अंतः विभाग (IPD) से संबंधित मरीजों के उपचारात्मक आंकड़ों की प्रविष्टियां नहीं की जा रही हैं। शून्य प्रविष्टि वाले संस्थानों में सदर अस्पताल लखीसराय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुर्यगढ़ा एवं रेफरल अस्पताल बड़हिया शामिल हैं। जिला पदाधिकारी ने सभी संस्थानों को निर्देश दिया कि भव्या पर सभी आवश्यक डाटा पूर्ण एवं समय पर दर्ज किया जाए।

जिलाधिकारी ने OPD व IPD सेवाओं में चिकित्सकों की अनियमित उपस्थिति पर नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने सिविल सर्जन एवं सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि OPD में प्रतिदिन चिकित्सकीय सेवा तथा IPD में चिकित्सीय सलाह से संबंधित चिकित्सक-वार प्रतिवेदन तैयार कर प्रतिदिन जिला पदाधिकारी को उपलब्ध कराया जाए।M-ASHA पोर्टल की समीक्षा में पाया गया कि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा परिवार से संबंधित आंकड़े दर्ज नहीं किए जा रहे हैं। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया गया कि 29 दिसम्बर 2025 तक इस उपलब्धि को जिले के औसत (29%) से ऊपर किया जाए। लखीसराय (6%), पिपरिया (13%), बड़हिया (24%) एवं सूर्यगढ़ा (27%) प्रखंड के सामुदायिक उत्प्रेरकों के वेतन पर रोक लगाते हुए तत्काल सुधार का निर्देश दिया गया।टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जनभागीदारी को बढ़ाने हेतु 10 दिसम्बर 2025 को बलगुदार स्थित ऑडिटोरियम में उन्मुखीकरण सह समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया गया।
प्लस पोलियो अभियान तथा नियमित टीकाकरण (RI) की तैयारी की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान के दौरान प्रत्येक दिन की गतिविधियों का फीडबैक लेकर प्रखंड स्तर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं जिला स्तर पर स्वयं जिला पदाधिकारी द्वारा समीक्षा की जाएगी।परिवार नियोजन कार्यक्रम की समीक्षा में पुरुष नसबंदी एवं महिला बंध्याकरण की उपलब्धि अत्यंत कम पाई गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि चल रहे पखवाड़ा में अधिकतम प्राप्ति सुनिश्चित करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को पूरा किया जाए।बैठक में सिविल सर्जन डॉ.उमेश प्रसाद सिंह, एसीएमओ, डीपीएम, एमओआईसी सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी तथा डेवेलपमेंट पार्टनर WHO, PSI इंडिया, यूनिसेफ, PFI एवं पिरामल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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