ऐलनाबाद, 1 फरवरी (एम.पी. भार्गव)। दिव्य ज्योति जागृती संस्थान द्वारा श्री गुरु रविदास महाराज के प्रकाश उत्सव के उपलक्ष्य में एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान के संचालक एवं संस्थापक आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वियों ने अपने विचारों के माध्यम से संत रविदास जी की शिक्षाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
साध्वियों ने कहा कि गुरु रविदास जी का जीवन मानवता के लिए समानता, भाईचारे और प्रभु भक्ति का अनमोल मार्गदर्शन है। उन्होंने बताया कि सोई हुई आत्माओं को जागृत करने के लिए समय-समय पर युगपुरुष इस धरती पर अवतरित होते हैं, जो संसार में प्रकाश, नव चेतना और नव सृजन का संचार करते हैं तथा अज्ञानता में डूबे समाज को ज्ञान के दीपक से प्रकाशित करते हैं। संत रविदास जी भी ऐसे ही एक महान महापुरुष थे।
उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने अपनी प्रखर आध्यात्मिक चेतना के माध्यम से समाज में व्याप्त रूढ़िवादिता और कुरीतियों का विरोध किया तथा माया और स्वार्थ से ऊपर उठकर संपूर्ण मानव जाति को सत्य का संदेश दिया। उन्होंने समाज में मेलजोल और भाईचारे को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में बताया गया कि संत रविदास जी के गुरु भाई संत कबीर जी थे तथा उनके गुरु स्वामी रामानंद थे। उनका यह विश्वास था कि राम, कृष्ण, करीम, राघव आदि सभी एक ही परमेश्वर के विभिन्न नाम हैं। साध्वियों ने कहा कि आज भी संत रविदास जी के उपदेश समाज के कल्याण और उत्थान के लिए अत्यंत प्रासंगिक और मार्गदर्शक हैं।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने संत रविदास जी के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
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