त्योहारों को लेकर डीजीपी राजीव कृष्ण ने दिए सख्त निर्देश — सुरक्षा, सतर्कता और शांति व्यवस्था पर विशेष जोर

  • रिपोर्ट- मंजय वर्मा

लखनऊ। दीपावली, धनतेरस, गोवर्धन पूजा और भैयादूज जैसे प्रमुख त्योहारों के मद्देनज़र डीजीपी उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण ने सभी पुलिस अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। डीजीपी ने कहा कि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

डीजीपी ने अपने निर्देशों में एडीजी, पुलिस आयुक्त, आईजी, डीआईजी, एसएसपी और कप्तानों को त्योहारों के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि भीड़भाड़ वाले बाजारों, सर्राफा गलियों, रेलवे और बस स्टेशनों पर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए जाएं।

डीजीपी के मुख्य निर्देश इस प्रकार हैं —

भीड़भाड़ वाले इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए, साथ ही सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाए।

एंटी रोमियो स्क्वाड को सक्रिय रखते हुए महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

वरिष्ठ अधिकारी स्वयं फुट पेट्रोलिंग करें और यूपी-112 वाहनों की प्रभावी तैनाती सुनिश्चित करें।

किसी भी छोटी सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर तुरंत पहुंचे।

त्योहार रजिस्टर और रजिस्टर नंबर-8 में दर्ज प्रविष्टियों का गहन अध्ययन किया जाए।

किसी नई परंपरा या विवादास्पद कार्यक्रम की अनुमति न दी जाए।

जिन स्थलों पर पूर्व में विवाद हुए हैं, वहां पुलिस व राजस्व विभाग के अधिकारी पहले से स्थिति का आकलन करें।

रिजर्व पुलिस कर्मियों की टीम बनाकर उन्हें क्विक रिस्पांस टीम (QRT) के रूप में तैयार रखा जाए।

भीड़ नियंत्रण व दंगा नियंत्रण उपकरणों की उपलब्धता और तैयारी की स्थिति जांची जाए।

सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, ड्रोन कैमरों से निगरानी, और संवेदनशील स्थलों की चेकिंग की व्यवस्था की जाए।

रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, पार्क, मल्टीप्लेक्स, घाटों और मनोरंजन स्थलों पर मजबूत पुलिस प्रबंधन किया जाए।

एएस चेक टीम और बीडीडीएस टीम से नियमित चेकिंग कराई जाए।

शांति समितियों, व्यापार मंडलों और धर्मगुरुओं के साथ बैठकें आयोजित कर सामाजिक समरसता बनाए रखी जाए।

असामाजिक तत्वों की सूची अद्यतन की जाए और उन पर विशेष निगरानी रखी जाए।

पटाखों के विक्रय और निर्माण के लिए नियमों का सख्ती से पालन किया जाए।

केवल लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं को ही अस्थायी दुकानें लगाने की अनुमति दी जाए।

आग लगने की स्थिति में अग्निशमन दल को 24×7 अलर्ट मोड पर रखा जाए।

विस्फोटक सामग्री के परिवहन और भंडारण पर नज़र रखी जाए, नियम विरुद्ध कार्य पर त्वरित विधिक कार्रवाई की जाए।

सोशल मीडिया प्लेटफार्मों की सघन निगरानी की जाए और भ्रामक या अफवाह फैलाने वाली पोस्टों पर तत्काल कार्रवाई हो।

डीजीपी राजीव कृष्ण ने स्पष्ट किया कि सभी जिले के पुलिस कप्तान त्योहारों के दौरान जनता की सुरक्षा, साम्प्रदायिक सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने में कोई लापरवाही न बरतें। उन्होंने कहा कि हर पुलिसकर्मी का उद्देश्य होना चाहिए — “त्योहार खुशियों का हो, भय का नहीं।”

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