नई दिल्ली: दिल्ली सरकार आगामी Delhi Liquor Policy 2025 के तहत शराब की कीमतों में बदलाव करने पर विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, खासकर प्रीमियम सेगमेंट की शराब की कीमतें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अन्य शहरों जैसे गुरुग्राम और फरीदाबाद के स्तर पर लाने की योजना है। इसका उद्देश्य न केवल राजस्व घाटे की भरपाई करना है, बल्कि शराब बिक्री को पारदर्शी और सामाजिक रूप से सुरक्षित बनाना भी है।
शुक्रवार को हुई एक बैठक में इस नीति पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें बनाई गई एक्ज़ाइस कमेटी के सदस्य मौजूद थे। इस समिति के अध्यक्ष PWD मंत्री परवेश साहिब सिंह हैं, जबकि अन्य मंत्री इसके सदस्य हैं।
एक महीने में आ सकता है ड्राफ्ट
अधिकारियों का कहना है कि नई शराब नीति का ड्राफ्ट अगले एक महीने में तैयार हो सकता है। अब तक इस विषय पर चार बैठकें हो चुकी हैं। हाल की बैठक में रिटेल मार्जिन, एक्ज़ाइस ड्यूटी, दिल्ली में बीयर पीने की कानूनी उम्र और प्रीमियम ब्रांड की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
क्यों जाते हैं दिल्लीवासी गुरुग्राम और फरीदाबाद?
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारतीय ब्रांड्स की कीमतों में बड़ा अंतर नहीं है, लेकिन प्रीमियम शराब खरीदने के लिए दिल्लीवासी अधिकतर गुरुग्राम और पड़ोसी शहरों का रुख करते हैं। इसका कारण दिल्ली में प्रति बोतल फिक्स रिटेल मार्जिन है।
दिल्ली में भारतीय शराब पर ₹50 और विदेशी शराब पर ₹100 का तय मार्जिन है।
जबकि गुरुग्राम में विक्रेता खुद कीमत और डिस्काउंट तय कर सकते हैं।
गुरुग्राम में शराब नीति पूरी तरह अलग है। वहां लाइसेंस की नीलामी में व्यापारी बड़ी रकम चुकाने के बाद कीमतों और ऑफर्स के जरिए लागत की भरपाई करते हैं।
कीमत का फर्क
एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में प्रीमियम इम्पोर्टेड शराब की कीमत ₹1000 से ऊपर नहीं रखी जाती, लेकिन गुरुग्राम और फरीदाबाद में वही ब्रांड काफी सस्ता मिल जाता है। उदाहरण के तौर पर, ब्लैक लेबल दिल्ली में ₹3,500 में बिकती है, जबकि गुरुग्राम में इसकी कीमत केवल ₹2,400 हो सकती है।
