दिल्ली ब्लास्ट में मिलिट्री-ग्रेड विस्फोटक के इस्तेमाल की आशंका, कई शहरों को उड़ाने का प्लान, जांच एजेंसियों के हाथ लगे बड़े सुराग

नई दिल्ली।दिल्ली के लाल किले के पास हुए शक्तिशाली विस्फोट की जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि धमाके में मिलिट्री-ग्रेड विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। विस्फोट की तीव्रता और प्रभाव को देखते हुए यह आशंका और गहरी हो गई है कि आतंकियों के निशाने पर कई शहर थे, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के चलते सिर्फ दिल्ली ब्लास्ट ही अंजाम तक पहुंच सका।

सूत्रों के मुताबिक, फरीदाबाद की अल फलह यूनिवर्सिटी के बिल्डिंग नंबर 17, रूम नंबर 13 में इस विस्फोट की पूरी साजिश रची गई थी। वहीं से दिल्ली धमाके की पटकथा तैयार की गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि कानपुर मेडिकल कॉलेज (जीएसवीएम) की पूर्व प्रोफेसर डॉ. शाहीन अंसारी इस पूरी साजिश की एक अहम कड़ी थीं। उन्हें फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया था और उनके पास से विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई थी।

पूछताछ में डॉ. शाहीन ने कई अहम खुलासे किए हैं। बताया जा रहा है कि उसने 2013 में महाराष्ट्र के जफर हयात से शादी की थी, लेकिन दो साल बाद यह रिश्ता टूट गया। 2021 में मेडिकल कॉलेज से लगातार गैरहाजिर रहने पर उसकी नौकरी समाप्त कर दी गई, जिसके बाद वह फरीदाबाद चली गई। वहीं उसकी मुलाकात डॉ. मुजम्मिल से हुई और इसी दौरान वह आतंकी नेटवर्क से जुड़ गई।

जांच एजेंसियों के अनुसार, डॉ. शाहीन ने ही दिल्ली ब्लास्ट के लिए मुख्य साजिश रचने वालों को जोड़ने का काम किया।
ब्लास्ट को अंजाम देने वाला मोहम्मद उमर डॉक्टर से आत्मघाती हमलावर बन चुका था और वही इस हमले का प्रमुख एग्जीक्यूटर था। वह फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था, जिसका खुलासा विस्फोट से कुछ घंटे पहले ही हुआ था।

एटीएस और खुफिया एजेंसियों ने छापेमारी के दौरान अमोनियम नाइट्रेट सहित लगभग 2,900 किलोग्राम बम बनाने की सामग्री बरामद की है।
अब जांच टीमें यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस मॉड्यूल के अन्य सदस्य देश के अन्य शहरों में भी इसी तरह की वारदात की योजना बना रहे थे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.