CREA की चेतावनी: प्रदूषण सिर्फ़ NCR तक सीमित नहीं, 53 शहर बने टॉप-10 प्रदूषित सूची का हिस्सा

जनवरी 2026 में कड़ाके की ठंड के साथ देशभर में वायु प्रदूषण का संकट और गहरा गया। आम लोगों ने गले में जलन, खांसी और नजले जैसी समस्याएं महसूस कीं। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की मासिक वायु गुणवत्ता रिपोर्ट के अनुसार, देश के 248 निगरानी वाले शहरों में से लगभग आधे यानी 123 शहरों में PM2.5 का मासिक औसत स्तर भारत के राष्ट्रीय पर्यावरणीय वायु गुणवत्ता मानक (NAAQS) 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक दर्ज किया गया। चिंताजनक तथ्य यह है कि कोई भी शहर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सुरक्षित दैनिक स्तर 15 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर खरा नहीं उतर सका।

गाजियाबाद बना 2026 का सबसे प्रदूषित शहर
CREA रिपोर्ट में गाजियाबाद को जनवरी 2026 में देश का सबसे प्रदूषित शहर घोषित किया गया। यहां PM2.5 का मासिक औसत स्तर 184 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो NAAQS से तीन गुना अधिक है। गाजियाबाद में पूरे महीने राष्ट्रीय दैनिक मानकों का उल्लंघन हुआ। इस दौरान 24 दिन ‘बहुत खराब’, 4 दिन ‘गंभीर’, 2 दिन ‘खराब’ और 1 दिन ‘मध्यम’ श्रेणी में रहे।

दिल्ली दूसरे स्थान पर
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली दूसरे स्थान पर रही, जहां PM2.5 का औसत स्तर 169 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया। जनवरी में दिल्ली के 27 दिन वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ या ‘गंभीर’ श्रेणी में रहे। इनमें 24 दिन ‘बहुत खराब’, 3 दिन ‘गंभीर’, 2 दिन ‘खराब’ और 2 दिन ‘मध्यम’ दर्ज किए गए।

टॉप प्रदूषित सूची पर NCR का दबदबा
टॉप-10 सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में NCR क्षेत्र का दबदबा रहा। नोएडा तीसरे, गुरुग्राम चौथे और ग्रेटर नोएडा पांचवें स्थान पर रहे। इन शहरों में PM2.5 का स्तर NAAQS से काफी ऊपर दर्ज किया गया, जिससे सर्दियों में स्मॉग और स्वास्थ्य जोखिम और बढ़ गए।

टॉप-10 सबसे प्रदूषित शहर (CREA रिपोर्ट के अनुसार)

गाजियाबाद – 184 µg/m³

दिल्ली – 169 µg/m³

नोएडा

गुरुग्राम

ग्रेटर नोएडा

धारूहेड़ा

सिंगरौली

भिवाड़ी

नारनौल

गंगटोक

इस सूची में उत्तर प्रदेश और हरियाणा के 6 शहर शामिल रहे, जो वाहन उत्सर्जन, औद्योगिक गतिविधियों, निर्माण कार्यों की धूल और पराली जलाने जैसे क्षेत्रीय प्रदूषण स्रोतों की गंभीरता को दर्शाता है।

NCR से आगे भी गंभीर स्थिति
CREA ने चेतावनी दी है कि वायु प्रदूषण की समस्या केवल NCR तक सीमित नहीं है। देश के 53 शहर ऐसे रहे, जो जनवरी के दौरान कम से कम एक बार दैनिक टॉप-10 प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल हुए। मेगासिटी में दिल्ली और कोलकाता ने NAAQS का उल्लंघन किया, जबकि मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु मानकों के भीतर बने रहे।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो वायु प्रदूषण देशभर में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकता है।

 

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