हरियाणा, 27 अक्टूबर (डॉ. एम. पी. भार्गव)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज छठ पूजा महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और प्रदेशवासियों को छठ पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व आस्था, संयम और पर्यावरण के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा — “हम उस महान परंपरा का सम्मान करने आए हैं, जो बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश से यहां आई है। माताएं और बहनें जिस तप, संयम और श्रद्धा से छठ मैया का व्रत रखती हैं, वह समाज को अनुशासन और विश्वास का संदेश देता है।”
उन्होंने कहा कि छठ पूजा के जरिए हमें जीवन में सूर्य के प्रकाश और प्रकृति के संतुलन का महत्व सिखाया गया है। यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन में स्वच्छता, ऊर्जा और सकारात्मक सोच का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंचकूला और करनाल में छठ पूजा के लिए सुंदर घाटों का निर्माण किया गया है, वहीं स्मार्ट सिटी योजना के तहत करनाल में एक और घाट का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा पानीपत और सोनीपत में भी भव्य घाट बनाए गए हैं, और कैथल में भी जल्द ही घाट का निर्माण शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के मेहनती और कर्मठ भाई-बहन आज हरियाणा सहित देश के विभिन्न राज्यों की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन का उल्लेख करते हुए कहा — “प्रधानमंत्री जी ने छठ पर्व को राष्ट्रीय पर्व कहा है, जो पूरे देश को एकता और संस्कृति के सूत्र में बांधता है।”
मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में हरियाणा सरकार ने सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि के लिए अनेक योजनाएं चलाई हैं। हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए लगभग 778 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि निर्माण श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए कार्य स्थल पर दुर्घटना की स्थिति में मुआवजा नीति भी लागू की गई है, जो श्रमिकों के परिवारों को सुरक्षा और सम्मान प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे छठ पर्व को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता के संदेश के साथ मनाएं।
पूरे हरियाणा में छठ पूजा महोत्सव उल्लास, भक्ति और भाईचारे के वातावरण में संपन्न हो रहा है।
