मुख्यमंत्री फेलो डॉ. दिनेश कुमार ने किया सकीट के गांवों का औचक निरीक्षणसरकारी योजनाओं की खुली पोल, शिक्षा, स्वच्छता और पेयजल योजनाएं बुरी तरह प्रभावित
- संवाददाता – मनोज कुमार यादव
सकीट (एटा): उत्तर प्रदेश शासन द्वारा नियुक्त मुख्यमंत्री फेलो डॉ. दिनेश कुमार ने मंगलवार को विकासखंड सकीट की ग्राम पंचायत कौची और गढ़िया कौची का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान डॉ. दिनेश ने प्राथमिक विद्यालय, पंचायत घर, आरआरसी सेंटर, सामुदायिक शौचालय, प्रधानमंत्री आवास योजना, हर घर जल योजना, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सुविधाओं की वस्तुस्थिति का गहन परीक्षण किया। निरीक्षण में कई योजनाओं की बदहाल स्थिति और प्रशासनिक लापरवाही सामने आई।
ग्राम पंचायत कौची के कोच्चि डेरा प्राथमिक विद्यालय में मात्र शिक्षामित्र श्री कमलेश उपस्थित पाए गए। अन्य स्टाफ शिक्षक अनुपस्थित थे, वहीं छात्र संख्या शून्य रही। मिड-डे मील योजना पूरी तरह निष्क्रिय मिली। विद्यालय में शासन द्वारा वितरित की जाने वाली पुस्तकें बच्चों को नहीं दी गई थीं और कमरे में अस्त-व्यस्त हालत में पड़ी मिलीं।
विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र बंद पाया गया। दोनों आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियाँ एवं सहायिकाएं अनुपस्थित थीं। विद्यालय में न तो वृक्षारोपण हुआ था, न एसएमसी की बैठकें आयोजित की गई थीं और न ही ईको क्लब जैसी गतिविधियां संचालित हो रही थीं।
शौचालयों पर ताले लगे मिले और ताले खुलवाने पर भी यूरिनल शौचालय क्रियाशील नहीं पाए गए। विद्यालय में पेयजल टंकी की सुविधा उपलब्ध नहीं थी।
ग्राम पंचायत गढ़िया कौची के खडगपुर गाँव में स्थिति और भी चिंताजनक पाई गई। प्राथमिक विद्यालय तक जाने का समुचित मार्ग नहीं है, बाउंड्री वॉल टूटी हुई है और आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद मिला।
पंचायत घर, आरआरसी सेंटर व सामुदायिक शौचालय सभी निष्क्रिय अवस्था में पाए गए। ग्रामवासियों ने शिकायत की कि सामुदायिक शौचालय को पंचायत घर के भीतर ही बनाया गया है, जिससे उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। आरआरसी सेंटर तक जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। पंचायत घर अधिकतर बंद रहता है और सफाई कर्मियों की उपस्थिति गाँवों में नहीं है।
हर घर जल योजना के अंतर्गत कई घरों में अब तक टंकियाँ नहीं लगाई गई हैं, जहाँ लगी हैं वहाँ नल (टोटी) नहीं लगी हैं, जिससे ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है।
मुख्यमंत्री फेलो डॉ. दिनेश कुमार ने सभी खामियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को सूचना दी और उत्तर प्रदेश शासन को रिपोर्ट प्रेषित करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि “सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए — यही माननीय मुख्यमंत्री जी का स्पष्ट निर्देश है।”
