बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ है। भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। राजभवन में आयोजित समारोह में उन्होंने पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। इसके साथ ही वह बिहार के 24वें मुख्यमंत्री और भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं।
दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद एनडीए ने तेजी से नई सरकार बनाने का दावा पेश किया। भाजपा और सहयोगी दलों की बैठक में सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। इससे बिहार की करीब 20 साल पुरानी नीतीश युग की राजनीति पर विराम लग गया है।
आरजेडी से भाजपा तक का सफर
सम्राट चौधरी कुशवाहा समुदाय से आते हैं और उनका राजनीतिक सफर आरजेडी से शुरू हुआ। बाद में वह जदयू के रास्ते भाजपा में शामिल हुए और अब मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने तारापुर सीट से जीत दर्ज की थी।
डिप्टी मुख्यमंत्री कौन बने
नई सरकार में जदयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र यादव को डिप्टी मुख्यमंत्री बनाया गया है। वहीं, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने इस पद को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
कैबिनेट में संभावित चेहरे
नई कैबिनेट में जदयू से श्रवण कुमार, अशोक चौधरी और लेशी सिंह के नाम चर्चा में हैं। वहीं भाजपा की ओर से मंगल पांडे, दिलीप जायसवाल और राम कृपाल यादव को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। हालांकि, पूर्ण मंत्रिमंडल की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
NDA का बहुमत और नई दिशा
बिहार विधानसभा में भाजपा के पास 89 विधायक हैं और एनडीए ने स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाई है। भाजपा कोटे से कुल 12 पद (सीएम सहित) और जदयू कोटे से 11 पद तय किए गए हैं। करीब 46 साल के इंतजार के बाद बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बना है, जो राज्य की राजनीति में पार्टी की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।
सम्राट चौधरी का बयान
शपथ से पहले सम्राट चौधरी ने कहा था कि वह पिछले 30 वर्षों से राजनीति में सक्रिय हैं और बिहार की सेवा के लिए समर्पित हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि यह पद उनके लिए केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और सपनों को पूरा करने का अवसर है।
