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गुस्ताख़ी माफ़ हरियाणा

जनहित या संपादकीय धारणा? हिंदी मीडिया की खबरों पर गंभीर सवाल

गुस्ताखी माफ हरियाणा – पवन कुमार बंसल हमारे प्रबुद्ध पाठक डॉ. रणबीर सिंह फौगाट द्वाराजनहित और समाचार पत्रों की धारणाअधिकांश समाचार नकारात्मक होते हैं। हिंदी अखबारों में जिला या स्थानीय समाचारों के लिए निर्धारित चार से छह पन्नों में…
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सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को नेताओं से सार्वजनिक दूरी बनाए रखनी चाहिए

गुस्ताखी माफ हरियाणा – पवन कुमार बंसल नई दिल्ली। न्यायपालिका की स्वतंत्रता और गरिमा को लेकर समय-समय पर सार्वजनिक बहस होती रही है। इसी कड़ी में यह सवाल एक बार फिर उठता है कि क्या देश के सर्वोच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस को राजनीतिक नेताओं से…
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पद्मश्री की सिफारिश, पर मंज़िल अधूरी: क्यों सम्मान से दूर रह गए पूर्व डीजीपी निर्मल सिंह?

गुस्ताखी माफ हरियाणा – पवन कुमार बंसल पद्मश्री पुरस्कार और हरियाणा के सेवानिवृत्त डीजीपी निर्मल सिंह का मामला केवल योग्यता का नहीं, बल्कि व्यवस्था के कई अदृश्य पैमानों को भी उजागर करता है। मनोहर लाल के मुख्यमंत्री रहते हरियाणा सरकार ने…
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“जीवन को महकाना है तो फूलों-सा बनना होगा” — गुस्ताखी माफ हरियाणा

गुस्ताखी माफ हरियाणा – पवन कुमार बंसल हमारी जागरूक पाठक डॉ. सुमिता मिश्रा, एसीएस हरियाणा, के सौजन्य सेफूलों की तरह बनना होगा, यदि जीवन को महकाना है। काँटों की चुभन सहनी होगी, यदि जीवन-पथ पर चलना है।जीवन को सार्थक करना है तो…
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