बीजू पटनायक खेल पुरस्कार का नाम नहीं बदला जाएगा: ओडिशा के मुख्यमंत्री

भुवनेश्वर। विपक्षी बीजद की आलोचना के बीच, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को घोषणा की कि राज्य सरकार के बीजू पटनायक खेल पुरस्कार का नाम नहीं बदला जाएगा।

खेल एवं युवा सेवा विभाग ने शुक्रवार को इस वर्ष के पुरस्कार के लिए दिशा-निर्देश जारी किए, जिसका नाम बदलकर ‘राज्य क्रीड़ा सम्मान’ कर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पुरस्कार से बीजू पटनायक का नाम हटाने का कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया है।

उन्होंने कहा, “मेरी सरकार धरती के सपूतों का सम्मान करती है और इसलिए, बीजू पटनायक के नाम पर रखे जाने वाले खेल पुरस्कार के नाम में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि उन्हें नाम बदलने के बारे में प्रेस से पता चला।

माझी ने कहा कि राज्य और देश के लिए बीजू पटनायक का योगदान यादगार है।

उन्होंने कहा, “बीजू पटनायक खेल पुरस्कार पहले की तरह ही जारी रहेगा।” बीजू पटनायक के बेटे नवीन पटनायक की अगुआई वाली विपक्षी पार्टी बीजद ने पुरस्कार का नाम बदलने के लिए भाजपा सरकार पर हमला बोला। वरिष्ठ बीजद विधायक अरुण साहू ने कहा कि प्रसिद्ध एविएटर और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक संस्था थे। उन्होंने पूछा, “वे राष्ट्रीय संपत्ति थे और उन्हें तीन अलग-अलग देशों ने सम्मानित किया था। खेल पुरस्कार से उनका नाम हटाकर भाजपा सरकार क्या साबित करना चाहती है?” इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रवक्ता दिलीप मलिक ने कहा कि राज्य सरकार ने पूरी तरह से जांच करने के बाद यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा, “सिर्फ बीजू पटनायक ही नहीं बल्कि कई दिग्गज लोगों और खेल हस्तियों ने ओडिशा में खेलों के विकास में योगदान दिया है।” नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली पिछली बीजद सरकार ने खेल हस्तियों और खेल पत्रकारिता में उत्कृष्टता को सम्मानित करने के लिए 2001-2002 में इस पुरस्कार की शुरुआत की थी। यह पुरस्कार हर साल आठ श्रेणियों में दिया जाता है।

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