बिजली विभाग की संवेदनहीनता पर बड़ा सवाल — मंत्री को मिला ऑडियो, खुद सोशल मीडिया पर रखा सच
बस्ती के एस.ई. प्रशांत सिंह निलंबित, UPPCL चेयरमैन भी मंत्री की नाराजगी की जद में
- रिपोर्ट: सुकेश पांडेय
लखनऊ/बस्ती। उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बस्ती जिले में उपभोक्ता से अभद्रता की घटना ने विभाग की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है। घटना का ऑडियो जब प्रदेश के उर्जा मंत्री ए० के० शर्मा तक पहुंचा, तो उन्होंने न केवल सोशल मीडिया पर खुद इसे साझा कर सच को सामने रखा, बल्कि तुरंत कार्रवाई करते हुए बस्ती के अधीक्षण अभियंता (S.E.) प्रशांत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
बताया गया है कि एक वरिष्ठ पूर्व सांसद ने अपने क्षेत्र निवासी एक उपभोक्ता और अधीक्षण अभियंता प्रशांत सिंह के बीच हुई बातचीत की ऑडियो क्लिप उर्जा मंत्री को भेजी थी। इसमें अधिकारी द्वारा उपभोक्ता से की गई अभद्रता और असंवेदनशील रवैये को मंत्री ने गंभीरता से लिया और स्पष्ट संदेश दिया कि जनता से संवाद से भागने और दुर्व्यवहार करने वाले अधिकारियों को अब बख्शा नहीं जाएगा।
मंत्री ने इस पूरे मामले पर कहा कि जनता के फोन उठाना बंद कर चुके हैं अधिकारी, जिससे आमजन बेहद परेशान हैं। बस्ती जिले में सुबह 10 बजे से बिजली आपूर्ति ठप थी, और रात 8 बजे तक न कोई समाधान मिला, न ही जवाब।
उर्जा मंत्री ने UPPCL के चेयरमैन व एम.डी. आशीष गोयल को भी पहले ही आगाह कर दिया था कि 1912 जैसे टोल फ्री नंबर पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि एक मानवीय और जवाबदेह व्यवस्था की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि समीक्षा बैठकों में कुछ अधिकारी असत्य बयान दे रहे हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है।
मंत्री शर्मा ने चेतावनी दी कि अधिकारी जनता से संवाद बनाएं, समस्याओं का त्वरित समाधान करें, अन्यथा परिणाम गंभीर होंगे। साथ ही, उन्होंने सभी विद्युत अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि उपभोक्ता शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेकर संवेदनशील और मर्यादित व्यवहार सुनिश्चित करें।
