नई दिल्ली की हर्षिता और हरियाणा की भूमि को मप्र की ‘भूमि’ ने कपड़े भेजे

विदिशा के दीपसिंह कुशवाह चला रहे हैं बेटी के जन्म पर बेटी को देशभर में कपड़े फ्री नामक मुहिमअब तक निजी खर्चे से देश के 9 राज्यों की बेटियों को दे चुके 1905 जोड़ी से ज्यादा कपड़े

नई दिल्ली/हरियाणा ,( डॉ एम पी भार्गव ) बेटियों को जीने दो , ग्रुप विदिशा की कपड़े सेवा की गूंज मध्यप्रदेश से राजधानी नई दिल्ली तक पहुंच चुकी है। ग्रुप द्वारा चलाई जा रही सराहनीय मुहिम बेटी के जन्म पर बेटी को देशभर में कपड़े फ्री सेवा करीब 48 महीने में ही नई दिल्ली तक पहुंचने में कामयाब रही है। बेटियों को जीने दो के ग्रुप प्रमुख दीपसिंह कुशवाह ने बेटी भूमि कुशवाह (ग्रुप की आधार) द्वारा दो कपड़े के पार्सल नई दिल्ली और हरियाणा की बेटियों के लिए पोस्ट ऑफिस से भिजवा दिए हैं। पार्सल साथी नमन जैन द्वारा पोस्ट किया है। विदिशा के कुशवाह ने उनकी बेटी भूमि के चौथे जन्मदिन (2 सितंबर 2021) से देशभर में इस पहल के माध्यम से लोगों में बेटियों को जीने दो व उन्हें बढ़ावा देने की अलख जगा रखी हैं। अब तक वे बिना किसी संस्था के निजी खर्चे से मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, तमिलनाडू, हरियाणा, बिहार, राजस्थान आदि राज्यों की बेटियों को 1905 से ज्यादा जोड़ी कपड़े फ्री दे चुके हैं। हरियाणा के डॉ. एमपी भार्गव से मिली जानकारी के अनुसार नई दिल्ली के पालम कॉलोनी में 25 जुलाई को प्रीति पत्नी राहुल शर्मा ने बेटी को जन्म दिया है। शर्मा परिवार ने बेटी का नाम हर्षिता रखा है।

हरियाणा में शादी के 19 साल बाद बेटी ने जन्म लिया

हरियाणा के जींद जिले के थुआ गांव में भी शादी के 19 साल बाद बेटी ने जन्म लिया है। कृष्णा पत्नी सुरेंद्र कालीरमण ने 10 जुलाई को बेटी को जन्म दिया है। किसान व खाप के उप प्रधान ने भी अपनी बेटी का नाम भूमि रखा है। उन्होंने समाज के तानों से तंग आकर भाई का बेटा गोद भी ले रखा है। अब बेटी के जन्म के बाद तो उनकी खुशी सातवें आसमान पर है। इसलिए उन्होंने आसपास के 24 गांवों के प्रधान सहित करीब 8000 लोगों को भोजन कराकर खुशी मनाई। वे दोनों बच्चों को खूब पढ़ाना–लिखाना चाहते हैं। उन्होंने समाज को संदेश दिया है की बेटा–बेटी में कोई अंतर न करें उन्हें बराबर माना जाना चाहिए।

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