भारतीय किसान यूनियन एकता सिधूपुर संगठन ने खासा के गांव खुरमानी की मार्केट में पंजाब सरकार के खिलाफ धरना दिया
किसानों का कहना है कि हमें अपने बच्चों की स्कूल फीस देनी है, जिनसे हमने पैसे उधार लिए गेहूं बेचकर पैसे देने थे या जिन्होंने फसल की कटाई की उनके पैसे देने है अगर हमें कोई पैसा नहीं मिलेगा तो हम उन्हें भुगतान कैसे करेंगे?
अमृतसर: एक तरफ पंजाब सरकार कह रही है कि किसानों को मंडियों में परेशान नहीं होने दिया जाएगा। मंडी में पहुंचते ही उनकी फसल का निपटारा कर दिया जाएगा और शाम तक उनके खातों में पैसा भी जमा करा दिया जाएगा। लेकिन वहीं अब यह मामला अमृतसर के खासा के खुरमनियां गांव में सामने आया है, जहां किसानों ने पंजाब सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के किसान नेता जसविंदर सिंह और गुरविंदर सिंह ने कहा कि हमारे किसान भाइयों का गेहूं जो 17 तारीख से यहां पड़ा है, अभी तक नहीं खरीदा गया है। उन्होंने बताया कि कल मौसम बहुत खराब था और जिस फसल को हम बेटों की तरह पालते आए हैं, वह अभी भी यहीं पड़ी है। खासा मंडी में उन्होंने कहा कि यहां क्या व्यवस्था है? अगर बाहर की आढ़तियों की बात करें तो आढ़तियों ने जो जगह किराए पर ली है, उसमें भी मंडी बोर्ड ने कुछ गेहूं रख लिया है। और अगर किसी आढ़ती ने उनके यहां से गेहूं उठा लिया है तो इसमें किसानों का क्या दोष है? अभी जो गेहूं बरसात के मौसम के कारण खराब हो रही है, बारिश का मौसम है। बादल छाए हुए हैं, जिसके कारण यह गेहूं खराब हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मंत्री अपने कार्यालयों में बैठकर पूरी तरह झूठे वादे कर रहे हैं। गेहूँ का क्या हुआ? आइये हम आपको अपने सामने दिखाते हैं। रात भर हुई बारिश के कारण सारा गेहूं भीग गया है। यहां 17 तारीख को जो गेहूं लाया गया था, वह अभी तक नहीं खरीदा गया है।आपने देखा की फरीदकोट में आग लगने से बहुत सारा गेहूं नष्ट हो गया खराब मौसम के कारण गेहूं खराब हो गया है। हम बहुत खुश थे कि हमारी फसल की कटाई हो गई है और अब मंडी में पहुंच चली है लेकिन अब प्रशासन हमें खराब कर रहा है हमारी गलती क्या है यही कि हम किसान हैं। अगर भगवान ने हमारा साथ दिया तो अब मंदिरों में हमारी फसल खराब हो रही है उन्होंने कहा कि सरकार जहां आकर देख की फसल का क्या हाल हो रहा है हमें परेशान किया जा रहा है दिनभर हम मंडी में बैठे रहते हैं लेकिन अभी तक हमारी फसल को खरीद नहीं गया। उन्होंने कहा कि इस फसल को बेचकर हम अपने बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलवाएंगे जिसे हमने उधार लिया होता है उनके पैसे देने होते हैं जिनसे हम फसल की कटाई करते हैं उन्हें पैसे देने होते हैं वह हमारे घर में चक्कर लगा रहे हैं पैसे लेने के लिए अगर हमारी फसल बिकेगी नहीं तो हम पैसे कहां से देंगे
इस अवसर पर अटारी मार्केट कमेटी की सचिव नवदीप कौर ने कहा कि खासा के गांव खुरमनियां में एक मकान में अवैध रूप से मंडी बनाई गई है, जिसका लाइसेंस 15 दिन के लिए रद्द कर दिया गया है, जिसके कारण इसकी खरीद नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि गांव होशियार नगर में किसानों को यदि कोई समस्या आ रही है तो उसका समाधान शीघ्र ही निकाला जाएगा तथा आपको इस बारे में शीघ्र ही अवगत करवाया जाएगा। किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
