रूस यात्रा से पूर्व डॉ. पुष्कर मिश्र ने नई दिल्ली में प्रो. अलेक्जेंडर लुकिन से की भेंट, भारत-रूस सांस्कृतिक संबंधों पर हुई गंभीर चर्चा
नई दिल्ली/रामपुर। रामपुर रज़ा पुस्तकालय के निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र ने अपनी प्रस्तावित रूस यात्रा (26 से 29 मई 2025) से पूर्व रूस के प्रतिष्ठित एमजीआईएमओ विश्वविद्यालय (Moscow State Institute of International Relations) के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ प्रो. अलेक्जेंडर वी. लुकिन से भेंट की।
इस औपचारिक मुलाक़ात के दौरान डॉ. मिश्र ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और रामपुर रज़ा पुस्तकालय की ऐतिहासिक विरासत को रेखांकित करते हुए प्रो. लुकिन को पुस्तकालय की भव्य इमारत का एक विशेष पोट्रेट एवं पारंपरिक भारतीय शॉल स्मृति चिन्ह स्वरूप भेंट किया। यह उपहार भारत-रूस के प्रगाढ़ सांस्कृतिक संबंधों और आपसी सम्मान का प्रतीक रहा।
भेंटवार्ता में दोनों विद्वानों के बीच समकालीन वैश्विक राजनीति, भारत-रूस संबंधों, सांस्कृतिक सहयोग, मजहबी आतंकवाद, तथा अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। रामपुर रज़ा पुस्तकालय की वैश्विक उपयोगिता, ऐतिहासिक पांडुलिपियों, दुर्लभ ग्रंथों के संग्रह और अंतरसंस्कृति संवाद में पुस्तकालय की भूमिका पर भी विशेष चर्चा हुई।
इस दौरान डॉ. पुष्कर मिश्र ने जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के कुलपति व प्रख्यात विद्वान प्रो. मज़हर आसिफ से भी मुलाकात की। इस भेंट में साहित्य, सांस्कृतिक संरक्षण और शैक्षिक सहयोग के विविध आयामों पर सार्थक संवाद हुआ।
निदेशक डॉ. मिश्र की आगामी रूस यात्रा न केवल रामपुर रज़ा पुस्तकालय की अंतरराष्ट्रीय पहचान को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह भारत-रूस के बीच सांस्कृतिक व बौद्धिक साझेदारी को भी नई दिशा प्रदान करेगी।
