BCCI Selection Committee: नए चीफ सेलेक्टर की तलाश के बीच BCCI ने बढ़ाया बजट, दिग्गज क्रिकेटरों ने ठुकराया ऑफर
BCCI Selection Committee: भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों के चयन की जिम्मेदारी निभाने वाली चयन समिति को मजबूत बनाने के लिए BCCI ने अपने खर्च का बजट बढ़ाया है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए चयन समिति का बजट ₹19.35 करोड़ निर्धारित किया गया है। इससे पहले समिति का बजट ₹17.45 करोड़ तक पहुंचा था। इस तरह हालिया बढ़ोतरी करीब ₹2 करोड़ की है, जबकि पहले की बढ़ोतरी को मिलाकर बजट में कुल वृद्धि लगभग ₹5 करोड़ बताई गई है।
बोर्ड के इस कदम को अनुभवी पूर्व क्रिकेटरों को चयन समिति में शामिल करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कई पूर्व खिलाड़ी कमेंट्री, आईपीएल टीमों के कोचिंग स्टाफ, सलाहकार की भूमिका और अन्य पेशेवर गतिविधियों से जुड़े रहते हैं। ऐसे में चयन समिति में शामिल होने का फैसला उनके लिए केवल वेतन तक सीमित नहीं होता।
चयनकर्ताओं को पूरे साल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर नजर रखनी होती है। खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन करना, टीम संयोजन पर चर्चा करना और अलग-अलग प्रारूपों के लिए उपयुक्त खिलाड़ियों का चुनाव करना उनकी जिम्मेदारियों में शामिल है। इसलिए इस पद के लिए समय देने और अन्य पेशेवर कामों को छोड़ने की जरूरत भी पड़ सकती है।
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BCCI Selection Committee: अजीत अगरकर के बाद किसे मिलेगी मुख्य चयनकर्ता की जिम्मेदारी?
अजीत अगरकर ने जुलाई 2023 में भारतीय पुरुष सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली थी। उनका कार्यकाल समाप्त होने के बाद BCCI ने नए मुख्य चयनकर्ता की तलाश शुरू की। बोर्ड ने पश्चिम क्षेत्र के खाली पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे, लेकिन इस प्रक्रिया में अपेक्षित उम्मीदवारों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है।
मुख्य चयनकर्ता का पद भारतीय क्रिकेट में महत्वपूर्ण माना जाता है। चयन समिति खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टीम की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग सीरीज तथा बड़े टूर्नामेंटों के लिए टीम चुनती है। इसलिए इस पद पर आने वाले व्यक्ति का क्रिकेट अनुभव, खिलाड़ियों की क्षमता को समझने की योग्यता और टीम की भविष्य की योजनाओं को लेकर नजरिया महत्वपूर्ण होता है।
अगरकर के बाद नए अध्यक्ष की नियुक्ति के दौरान बोर्ड को यह भी देखना होगा कि चयन समिति के कामकाज में निरंतरता कैसे बनाए रखी जाए। खासकर बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की तैयारी के दौरान टीम चयन और खिलाड़ियों के प्रदर्शन की समीक्षा महत्वपूर्ण हो जाती है।
BCCI Selection Committee: पार्थिव पटेल ने नहीं किया आवेदन
नए मुख्य चयनकर्ता की तलाश के बीच पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज पार्थिव पटेल का नाम संभावित उम्मीदवारों में चर्चा में था। माना जा रहा था कि पश्चिम क्षेत्र के खाली पद के लिए वह आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, 14 अक्टूबर की समयसीमा समाप्त होने तक पार्थिव पटेल ने आवेदन नहीं किया। इसके बाद उनके इस पद की दौड़ से बाहर होने की चर्चा तेज हो गई।
पार्थिव पटेल भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके हैं और क्रिकेट से जुड़े विभिन्न पेशेवर कार्यों में भी सक्रिय रहे हैं। लेकिन उन्होंने आवेदन क्यों नहीं किया, इसे लेकर कोई निश्चित आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है। इसलिए उनके फैसले के पीछे किसी खास वजह को अंतिम तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
पार्थिव के आवेदन नहीं करने से BCCI के सामने पश्चिम क्षेत्र के लिए उपयुक्त उम्मीदवार तलाशने का सवाल बना हुआ है। मीडिया रिपोर्टों में पूर्व भारतीय क्रिकेटर रमेश पोवार और समीर दिघे जैसे नामों की भी चर्चा की गई है। हालांकि, किसी नाम पर अंतिम मुहर लगने तक चयन समिति के अगले अध्यक्ष को लेकर अटकलों को आधिकारिक नियुक्ति नहीं माना जा सकता।
BCCI Selection Committee: फिलहाल प्रज्ञान ओझा संभाल रहे हैं अंतरिम जिम्मेदारी
अजीत अगरकर के कार्यकाल के समाप्त होने के बाद पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा अंतरिम तौर पर चयन समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ओझा भारतीय टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट खेल चुके हैं और मौजूदा चयन समिति का हिस्सा हैं।
अंतरिम व्यवस्था का उद्देश्य नए अध्यक्ष की नियुक्ति होने तक चयन प्रक्रिया को जारी रखना है। भारतीय टीम को अलग-अलग प्रारूपों में आगामी सीरीज के लिए खिलाड़ियों का चयन करना होता है, इसलिए समिति का कामकाज रुकना नहीं चाहिए।
अब यह देखना होगा कि BCCI जल्द ही स्थायी मुख्य चयनकर्ता नियुक्त करता है या मौजूदा व्यवस्था को कुछ समय तक जारी रखता है। यदि बोर्ड को उपयुक्त उम्मीदवार मिलने में समय लगता है, तो प्रज्ञान ओझा की अंतरिम भूमिका आगे भी महत्वपूर्ण रह सकती है। हालांकि, उनके भविष्य के पद को लेकर अंतिम निर्णय बोर्ड की ओर से ही स्पष्ट होगा।
BCCI Selection Committee: VVS लक्ष्मण की भूमिका भी हो सकती है अहम
BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण की भूमिका को लेकर भी चर्चा हो रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, लक्ष्मण अब चयन समिति की बैठकों में शामिल होंगे। इससे चयन प्रक्रिया में खिलाड़ियों के विकास, प्रदर्शन और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा के लिए एक अतिरिक्त विशेषज्ञ दृष्टिकोण मिल सकता है।
वीवीएस लक्ष्मण भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज हैं और क्रिकेट के विभिन्न स्तरों पर खिलाड़ियों के विकास से जुड़े काम कर चुके हैं। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में उनकी भूमिका खिलाड़ियों की ट्रेनिंग और विकास से संबंधित है। चयन समिति के साथ उनका जुड़ाव इस लिहाज से अहम हो सकता है कि घरेलू और उभरते खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर व्यापक नजर रखी जा सके।
हालांकि, चयन समिति में लक्ष्मण की भागीदारी को मुख्य चयनकर्ता की नियुक्ति का विकल्प नहीं समझना चाहिए। टीम चयन से जुड़े औपचारिक फैसले निर्धारित प्रक्रिया और संबंधित समिति की जिम्मेदारियों के अनुसार ही होने हैं।
BCCI Selection Committee: करीब 100 टेस्ट खेलने वाले दो पूर्व क्रिकेटरों ने ठुकराया प्रस्ताव
रिपोर्टों के मुताबिक, BCCI ने मुख्य चयनकर्ता या चयन समिति में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए करीब 100 टेस्ट मैच खेलने का अनुभव रखने वाले दो पूर्व भारतीय क्रिकेटरों से संपर्क किया था। हालांकि, दोनों ने कथित तौर पर इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।
रिपोर्ट में इन दोनों क्रिकेटरों के नाम स्पष्ट रूप से सामने नहीं आए हैं। इसलिए किसी खिलाड़ी का नाम लेकर यह दावा करना सही नहीं होगा कि उन्होंने प्रस्ताव ठुकराया है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इतना ही कहा जा सकता है कि बोर्ड को अनुभवी पूर्व खिलाड़ियों को इस जिम्मेदारी के लिए तैयार करने में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व क्रिकेटरों के लिए चयनकर्ता बनना एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्हें खिलाड़ियों के प्रदर्शन का नियमित आकलन करना, घरेलू प्रतियोगिताओं पर नजर रखना और टीम की जरूरतों के हिसाब से चयन संबंधी फैसलों में योगदान देना होता है। इसके साथ ही इस भूमिका में सार्वजनिक चर्चा और आलोचना का सामना भी करना पड़ सकता है।
बजट बढ़ाने का उद्देश्य ऐसे उम्मीदवारों को आकर्षित करने की कोशिश हो सकता है, जिनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव है। लेकिन केवल वेतन बढ़ाने से किसी व्यक्ति का पद स्वीकार करना तय नहीं होता। समय, पेशेवर प्रतिबद्धताएं और जिम्मेदारी की प्रकृति भी फैसला लेने में भूमिका निभा सकती हैं।
BCCI Selection Committee: एसएस दास के कार्यकाल पर भी नजर
चयन समिति में एसएस दास की भूमिका को लेकर भी BCCI को फैसला करना है। रिपोर्टों के मुताबिक, दास दिसंबर में चयनकर्ता के रूप में चार साल पूरे करने वाले हैं। ऐसे में बोर्ड यह विचार कर सकता है कि उन्हें आगे भी जिम्मेदारी में बनाए रखा जाए या समिति में बदलाव किया जाए।
चयन समिति में अनुभव और निरंतरता बनाए रखना अहम होता है, लेकिन साथ ही नए सदस्यों को मौका देना भी बोर्ड की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। इस संबंध में अंतिम फैसला BCCI की ओर से लिया जाएगा।
कुल मिलाकर, अजीत अगरकर के बाद मुख्य चयनकर्ता की नियुक्ति भारतीय क्रिकेट प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण विषय बन गई है। बजट बढ़ाने, संभावित उम्मीदवारों से संपर्क करने और अंतरिम व्यवस्था जारी रखने से जुड़ी खबरें बताती हैं कि बोर्ड इस पद के लिए अनुभवी व्यक्ति तलाश रहा है। हालांकि, नए मुख्य चयनकर्ता का नाम और चयन समिति के अंतिम स्वरूप पर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
