लंदन (12 जून): बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने कहा है कि उनकी अंतरिम सरकार भारत से मजबूत और सकारात्मक संबंध चाहती थी, लेकिन “हर बार कुछ न कुछ गलत हो जाता था।”
लंदन के प्रतिष्ठित थिंक टैंक चैथम हाउस की निदेशक ब्रॉनवेन मैडॉक्स से बुधवार को बातचीत करते हुए यूनुस ने भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय संबंधों और देश के लोकतांत्रिक भविष्य के रोडमैप पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि जुलाई महीने में “जुलाई चार्टर” नामक एक नई राजनीतिक पहल की शुरुआत की जाएगी, जो देश के लोकतांत्रिक सुधारों की दिशा तय करेगी।
बातचीत के दौरान मैडॉक्स ने भारत को भेजे गए उस अनौपचारिक राजनयिक नोट का भी ज़िक्र किया जिसमें बांग्लादेश की सत्ता से अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की गई थी। इस पर यूनुस ने कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया लेकिन संकेत दिया कि यह मामला अब भी संवेदनशील और विचाराधीन है।
यूनुस ने कहा कि उनकी सरकार भारत के साथ बेहतर सहयोग और समझ का वातावरण बनाना चाहती थी, लेकिन कई प्रयासों के बावजूद संबंधों में लगातार कोई न कोई रुकावट आती रही।
