बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के विरोध में बजरंग वाहिनी–हिंदू वाहिनी संघ का जन आक्रोश प्रदर्शन
नारायणपुर–चुनार बाजार में गूंजा सनातन एकता का आह्वान, अंतरिम बांग्लादेश सरकार के खिलाफ फूटा आक्रोश
- रिपोर्ट- चन्दन कुमार दुबे
मिर्जापुर। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे कथित अत्याचारों के विरोध में शुक्रवार को मिर्जापुर जिले के नारायणपुर–चुनार बाजार में बजरंग वाहिनी हिंदू वाहिनी संघ के तत्वावधान में एक विशाल जन आक्रोश प्रदर्शन एवं रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों में बांग्लादेश सरकार, विशेषकर वहां की अंतरिम सरकार के प्रति गहरा आक्रोश देखने को मिला।
प्रदर्शन में संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री राजेश यादव एवं प्रदेश उपाध्यक्ष श्री शैलेश मिश्रा विशेष रूप से सम्मिलित हुए। वहीं कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष दीपक जी तथा जिला अध्यक्ष (युवा मोर्चा) राहुल जी ने किया। रैली में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व स्थानीय लोग शामिल हुए, जिन्होंने नारेबाजी के माध्यम से बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित उत्पीड़न का विरोध दर्ज कराया।
सनातन धर्म और हिंदू एकता पर दिया गया जोर
जन आक्रोश रैली के दौरान वक्ताओं ने सनातन धर्म की एकता, सांस्कृतिक चेतना और वैश्विक स्तर पर हिंदुओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। वक्ताओं ने कहा कि बांग्लादेश में लगातार सामने आ रही घटनाएं केवल एक देश का आंतरिक मामला नहीं हैं, बल्कि यह पूरे विश्व में रह रहे हिंदुओं की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर प्रश्न है।
जिला महासचिव का सरकार से सीधा आग्रह
कार्यक्रम में संगठन के जिला महासचिव आलोक कुमार पाठक ने केंद्र सरकार से स्पष्ट और कठोर रुख अपनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि— बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब अनिवार्य हो गया है। वहां हो रहे अत्याचारों को गंभीरता से संज्ञान में लेकर ऐसी ठोस व्यवस्था की जाए कि भविष्य में हिंदू समाज के खिलाफ किसी भी प्रकार की घटना दोबारा न हो।
उन्होंने आगे कहा कि केवल बांग्लादेश ही नहीं, बल्कि दुनिया के किसी भी कोने में रह रहे हिंदुओं की सुरक्षा पूर्ण रूप से सुनिश्चित की जानी चाहिए।
हिंदू समाज को आत्ममंथन का संदेश
अपने संबोधन में जिला महासचिव ने हिंदू समाज को आत्मचिंतन का संदेश देते हुए कहा— जिस दिन हिंदू समाज लालच, मक्कारी, जात-पात और संकीर्ण विचारधाराओं से ऊपर उठ जाएगा, उसी दिन हिंदू स्वतः एकजुट हो जाएगा। एकता ही वह शक्ति है जो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोक सकती है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हिंदू समाज को संगठित रहना ही समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, ताकि किसी भी देश में हिंदुओं पर होने वाले अत्याचारों का सामूहिक और प्रभावी विरोध किया जा सके।
पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। रैली के समापन पर संगठन के पदाधिकारियों ने दोहराया कि यदि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार नहीं रुके, तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा।
