बिजनौर/लखनऊ।बिजनौर की जिलाधिकारी जसजीत कौर के खिलाफ लखनऊ हाईकोर्ट ने जमानती वारंट जारी किया है। मामला बिजनौर के धामपुर निवासी विक्रम सिंह की याचिका से जुड़ा है, जो धनगर समाज महासंघ के अध्यक्ष हैं।
विक्रम सिंह ने आरोप लगाया था कि जिलाधिकारी जसजीत कौर ने उनका जाति प्रमाणपत्र रिटायरमेंट से मात्र आठ दिन पहले निरस्त कर दिया था। इस आदेश को उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
हाईकोर्ट का पूर्व आदेश
हाईकोर्ट ने DM को निर्देश दिया था कि—
समाज कल्याण विभाग की विजिलेंस से जांच कराई जाए।
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों के अनुसार मामले का उचित निस्तारण किया जाए।
लेकिन आरोप है कि डीएम ने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया और बिना किसी जांच के एक पक्षीय निर्णय लेते हुए मामले को निपटा दिया। इसी के खिलाफ विक्रम सिंह ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका (Contempt Petition) दायर की।
अवमानना याचिका की सुनवाई में क्या हुआ?
सुनवाई के दौरान अदालत ने डीएम जसजीत कौर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था।
लेकिन—
DM न्यायालय में उपस्थित नहीं हुईं।
उनकी ओर से केवल जिला समाज कल्याण अधिकारी कोर्ट में पेश हुए।
स्टैंडिंग काउंसिल ने भी कोर्ट को बताया कि DM ने उनसे कोई संपर्क नहीं किया है।
कोर्ट ने इसे आदेशों और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गंभीर उदासीनता माना।
नतीजा—जमानती वारंट जारी
जस्टिस मनीष कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए
DM बिजनौर जसजीत कौर के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया है।
