एक पेड़ मां के नाम, पूरा जंगल पूंजीपतियों के नाम!
रिपोर्ट- मनोज कुमार यादवसरकार और व्यवस्था का यह अजब खेल देखिए—जब बात साधारण आदमी की आती है तो नियम-कानून, शर्तें और पाबंदियों की लंबी लकीर खींच दी जाती है। एक गरीब किसान या आम नागरिक अगर अपने घर के सामने खड़ा पेड़ काटना चाहता है, तो…
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