- रिपोर्ट: जीतेन्द्र कुमार
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद पुलिस के व्यवहार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला 21 दिसंबर की रात का बताया जा रहा है, जो मोदीनगर थाना क्षेत्र के निवाड़ी रोड का है।
पीड़ित के अनुसार, उसके घर के बाहर एक कार खड़ी थी, जिसमें दो पुलिसकर्मी एक महिला के साथ बैठकर शराब पी रहे थे। जब पीड़ित ने अपने घर के बाहर खड़ी गाड़ी को हटाने का अनुरोध किया, तो पुलिसकर्मियों और महिला ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।
आरोप है कि जब पीड़ित ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, तो उससे वीडियो डिलीट करने का दबाव बनाया गया। वीडियो न हटाने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई। पीड़ित का कहना है कि उसने इस मामले की शिकायत पुलिस कमिश्नर से की, लेकिन पुलिस ने मामले का कथित तौर पर फर्जी निस्तारण कर दिया।
पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह अपने परिवार के साथ पैदल मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाएगा। वायरल वीडियो में महिला को गाली देते हुए देखा जा सकता है। मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी रोष व्याप्त है।
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