Asian Para Games 2026: जूडो में कोकिला ने जीता सिल्वर, कपिल परमार ने कांस्य पदक पर जमाया कब्जा

Asian Para Games 2026: एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। जूडो में भारत के दृष्टिबाधित खिलाड़ियों कोकिला और कपिल परमार ने देश के लिए दो पदक जीते। कोकिला ने महिलाओं की जे2 कैटेगरी के 52 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक हासिल किया, जबकि कपिल परमार ने पुरुषों की जे1 कैटेगरी के 70 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय पैरा खिलाड़ियों की प्रतिभा और मेहनत को एक बार फिर सामने रखा है।

Asian Para Games 2026: कोकिला ने जूडो में जीता सिल्वर मेडल

हरियाणा के जींद जिले के कसून गांव की रहने वाली कोकिला ने एशियन पैरा गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। महिलाओं के जे2 वर्ग के 52 किलोग्राम भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हुए उन्होंने फाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि, खिताबी मुकाबले में उन्हें किर्गिस्तान की खिलाड़ी ऐबिके उलानबेक क्यजी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।

फाइनल मुकाबले में किर्गिस्तान की खिलाड़ी ने शुरुआती 21 सेकंड के भीतर इप्पोन हासिल कर लिया। जूडो में इप्पोन सबसे बड़ा स्कोर माना जाता है। इसे हासिल करने पर मुकाबला तत्काल समाप्त हो जाता है। इस तरह कोकिला को स्वर्ण पदक नहीं मिल सका, लेकिन उन्होंने रजत पदक जीतकर भारत की पदक तालिका में अहम योगदान दिया।

कोकिला का यह प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछले एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता था। इस बार 52 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक हासिल करके उन्होंने अपने पिछले प्रदर्शन में सुधार किया है।

Asian Para Games 2026: सेमीफाइनल में चीन की खिलाड़ी को हराकर बनाई थी फाइनल में जगह

कोकिला ने फाइनल तक पहुंचने के लिए सेमीफाइनल में चीन की यी लियू को हराया था। इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी ने 1-0 से जीत दर्ज की और स्वर्ण पदक के लिए होने वाले मुकाबले में जगह बनाई। सेमीफाइनल में उनका प्रदर्शन काफी अहम रहा, क्योंकि इसी जीत के साथ उनका पदक पक्का हो गया था।

कोकिला ने इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। वह पेरिस पैरालंपिक 2024 में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। इसके अलावा, उन्होंने इस साल अस्ताना में आयोजित जूडो ग्रां प्री में भी रजत पदक हासिल किया था।

उनकी उपलब्धि यह दिखाती है कि लगातार अभ्यास, अनुभव और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी से खिलाड़ी अपने प्रदर्शन को बेहतर बना सकते हैं। एशियन पैरा गेम्स में रजत पदक जीतना कोकिला के खेल करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

Asian Para Games 2026: कपिल परमार ने कांस्य पदक जीतकर किया शानदार प्रदर्शन

भारत के कपिल परमार ने पुरुषों की जे1 कैटेगरी के 70 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया। कपिल पिछले एशियन पैरा गेम्स में रजत पदक जीत चुके थे और इस बार भी उनकी कोशिश स्वर्ण पदक जीतने की थी। हालांकि, सेमीफाइनल में उन्हें इंडोनेशिया के जुनेदी के खिलाफ 0-1 से हार का सामना करना पड़ा।

सेमीफाइनल में हार के बाद कपिल ने कांस्य पदक के लिए होने वाले मुकाबले में वापसी की। उनका सामना इंडोनेशिया के ही अहनाफ रफली शिदकी से हुआ। इस मुकाबले में कपिल ने 1-0 से जीत दर्ज की और कांस्य पदक अपने नाम कर लिया।

कपिल ने इप्पोन के जरिए यह मुकाबला जीता। मैच लगभग एक मिनट से कुछ अधिक समय तक चला। सेमीफाइनल की हार के बावजूद कांस्य पदक के मुकाबले में उनकी वापसी उनके धैर्य और प्रतिस्पर्धी क्षमता को दर्शाती है।

कपिल परमार इससे पहले पेरिस पैरालंपिक 2024 में भी कांस्य पदक जीत चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने 2019 कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया था। एशियन पैरा गेम्स में उनका कांस्य पदक भारतीय जूडो टीम के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

Asian Para Games 2026:  क्या है जूडो की जे1 और जे2 कैटेगरी?

पैरा जूडो में खिलाड़ियों को उनकी दृष्टिबाधिता के स्तर के आधार पर अलग-अलग वर्गों में रखा जाता है। जे1 और जे2 ऐसी ही दो कैटेगरी हैं।

जे1 कैटेगरी: इसमें गंभीर दृष्टिबाधिता वाले खिलाड़ी शामिल होते हैं। इस वर्ग में ऐसे खिलाड़ी भी हो सकते हैं जिन्हें बिल्कुल दिखाई नहीं देता या जिन्हें केवल बहुत सीमित प्रकाश का आभास होता है।

जे2 कैटेगरी: इस वर्ग में भी दृष्टिबाधिता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं, लेकिन उनकी बची हुई कार्यात्मक दृष्टि आम तौर पर जे1 वर्ग के खिलाड़ियों की तुलना में अधिक होती है।

इन वर्गों का उद्देश्य खिलाड़ियों को उनकी दृष्टि संबंधी स्थिति के अनुरूप प्रतिस्पर्धा का अवसर देना है। पैरा खेलों में वर्गीकरण का महत्व इसलिए भी है, ताकि खिलाड़ियों के बीच मुकाबले को अधिक निष्पक्ष बनाया जा सके।

Asian Para Games 2026: भारतीय पैरा खिलाड़ियों के लिए अहम उपलब्धि

एशियन पैरा गेम्स में कोकिला और कपिल परमार के पदक भारत के पैरा खेल अभियान के लिए महत्वपूर्ण हैं। कोकिला ने पिछले संस्करण के कांस्य पदक को इस बार रजत पदक में बदला, जबकि कपिल ने कठिन सेमीफाइनल के बाद वापसी करते हुए कांस्य पदक जीता।

दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियां यह संदेश देती हैं कि अंतरराष्ट्रीय खेलों में सफलता के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करना जरूरी है। पैरा खिलाड़ियों की उपलब्धियों से देश में दिव्यांग खेल प्रतिभाओं को पहचान मिलने के साथ-साथ अन्य खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

एशियन पैरा गेम्स जैसे बड़े आयोजन खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव हासिल करने का अवसर देते हैं। कोकिला और कपिल परमार के पदक भारतीय खेल जगत के लिए गर्व का विषय हैं और पैरा जूडो में भारत की मौजूदगी को मजबूत करते हैं।

 

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