टेलिग्राम एप्प के जरिए 4 लाख 63 रुपए की साइबर ठगी करने के मामलें में एक अन्य आरोपी को राजस्थान के जोधपुर क्षेत्र से काबू किया
ऐलनाबाद 29 अप्रैल ( एम पी भार्गव ) पुलिस अधीक्षक डॉ.मयंक गुप्ता द्वारा गठित जिला की साइबर थाना पुलिस ने महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए टास्क पूरा कर मोटा मुनाफा कमाने के नाम पर गांव ममेरां कलां ( ऐलनाबाद) के एक व्यक्ति से करीब 4 लाख 63 हजार रुपए की साइबर धोखाधड़ी करने के मामले में संलिप्त एक अन्य युवक को थाना लोहानी जोधपुर,राजस्थान क्षेत्र से काबू कर लिया है । इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर ने बताया कि गिरफ्तार किए गए युवक की पहचान रमेश कुमार पुत्र गंगा राम निवासी गांव किपाया जोलियाली जोधपुर राजस्थान के रुप में हुई है । थाना प्रभारी ने बताया कि कृष्ण कुमार पुत्र बनवारी लाल निवासी ममेंरा कलां ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि अज्ञात मोबाइल नंबर से उसके पास कॉल आई और कॉल करने वाले व्यक्ति ने कहा कि आप हमारे टेलिग्राम एप्प से जुड़कर घर बैठे-बैठे लाखों करोड़ो रुपए कमा सकते हो । इसके लिए आपको कंपनी के बताए हुए टास्क को पूरा करना होगा,जैसे ही टास्क पूरा होगा आपके खाते में पैसे आ जाएंगे । कुछ समय बाद मेरे मोबाइल नंबर पर एक टेलिग्राम लिंक आया जैसे ही मैने लिंक को क्लिक किया तो उसमें टास्क पूरा कर मोटा मुनाफा कमाने का विज्ञापन चल रहा था । मैने लालच में आकर 4 लाख 63 हजार रुपए का इंवेस्टमेंट कर दिया और बाद में पैसा निकालने के लिए वेबसाइट पर आए लिंक को क्लिक किया तो टेलिग्राम एप पूरी बंद हो गया इस प्रकार वह साइबर ठगी का शिकार हो गया । उन्होने बताया कि इस संबंध में पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन सिरसा में बीती 12 फरवरी 2025 को साइबर ठगी का अभियोग दर्ज कर जांच शुरू की गई थी । जांच के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की विशेष टीम ने महत्वपूर्ण सुराग जुटाते हुए घटना में संलिप्त दो आरोपी मोंटू उर्फ यशपाल व आकाश चौधरी पुत्र हरि किशोर निवासी जोधपुर,राजस्थान को साइबर थाना पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था । साइबर थाना पुलिस ने जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए ठगी में संलिप्त तीसरे आरोपी रमेश कुमार पुत्र गंगा राम निवासी जोधपुर राजस्थान को भी जोधपुर से गिरफ्तार कर लिया है । उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा और रिमांड अवधि के दौरान आरोपी से पूछताछ कर ठगी की राशि बरामद की जाएगी । साइबर थाना प्रभारी ने बताया कि अभियोग की जांच जारी है और जांच के दौरान जो भी व्यक्ति ठगी के इस नेटवर्क में संलिप्त पाया गया उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी ।
