मिशन शक्ति 5.0 के तहत ग्राम पंचायत सींगनखेड़ा में आयोजित की गई जागरूकता चौपाल, महिलाओं की सुरक्षा व स्वावलम्बन को मिला नया बल

 रामपुर। महिला कल्याण विभाग द्वारा मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत ग्राम पंचायत सींगनखेड़ा में “थीम आधारित जागरूकता चौपाल कार्यक्रम” आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बताया कि घरेलू हिंसा किसी भी परिवार में शारीरिक, मानसिक, यौनिक या आर्थिक रूप में हो सकती है, जो न केवल महिलाओं के जीवन को प्रभावित करती है, बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव डालती है। कई मामलों में यह हिंसा महिलाओं की मृत्यु तक का कारण बन जाती है।

वहीं दहेज प्रथा को समाज की एक गहरी जड़ वाली बुराई बताया गया। कहा गया कि दहेज की मांग को पूरा न करने पर महिलाओं को प्रताड़ित किया जाता है, और कई बार यह हिंसा जानलेवा साबित होती है। इस अवसर पर महिलाओं से अपील की गई कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में संबंधित हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।

कार्यक्रम में ग्राम प्रधान रुपाली एवं प्रधान पति, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा बहनें, गांव की अन्य महिलाएं एवं वन स्टॉप सेंटर टीम से चांद बी (केंद्र प्रबंधक), चारु चौधरी (मनोसामाजिक परामर्शदाता), और नाहिद अंजुम (केस वर्कर) ने सक्रिय भागीदारी की।

महिलाओं की सुरक्षा एवं स्वावलम्बन के लिए पुलिस अधीक्षक की अभिनव पहल

रामपुर। पुलिस अधीक्षक विद्या सागर मिश्र और अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह के निर्देशन में रिजर्व पुलिस लाइन में मिशन शक्ति फेज-5.0 के अंतर्गत महिलाओं की सुरक्षा, आत्मरक्षा एवं स्वावलम्बन को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में महिला प्रशिक्षु मुस्कान यादव के सुझाव पर मिशन शक्ति से संबंधित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों, महिला कल्याणकारी योजनाओं, महिला अपराध संबंधी कानूनों एवं वीडियो सामग्री को देखने हेतु क्यूआर कोड विकसित कराए गए।

साथ ही महिला प्रशिक्षुओं को मिशन शक्ति से संबंधित पंपलेट वितरित किए गए और विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर/फ्लेक्सी लगाने के निर्देश भी दिए गए।

कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी लाइंस, प्रशिक्षणाधीन पुलिस उपाधीक्षक, तथा अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को न केवल सुरक्षित बनाना है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक के रूप में सशक्त करना भी है।

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