अमृतसर: भंडारी पुल पर विधायक जसबीर संधू के विरोध में वाल्मीकि नेताओं और पुलिस के बीच झड़प

वाल्मीकि नेताओं ने बेअदबी के आरोप में जसबीर संधू के खिलाफ एफआईआर की मांग की, चक्का जाम की चेतावनी दीएसपी से बातचीत के बाद वाल्मीकि समुदाय ने चार दिनों के लिए धरना स्थगित किया

वाल्मीकि समुदाय ने आज अमृतसर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक जसबीर संधू के खिलाफ भंडारी पुल पर विशाल विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठनों के नेताओं ने विधायक के पोस्टर भी फाड़े। पुलिस ने पोस्टर फाड़ने वाले युवक को हिरासत में लेने की कोशिश की तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस व वाल्मीकि नेताओं के बीच झड़प हो गई। वाल्मीकि तीर्थ धूना साहिब ट्रस्ट के बाबा बलवंत नाथ और नेता जग्गू प्रधान ने मीडिया को बताया कि जसबीर संधू द्वारा वाल्मीकि तीर्थ पर अपनी पार्टी का चुनाव चिन्ह झाड़ू का लोगो लगाने से पूरे समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि यह महज एक दर्जी का मामला है और अगर प्रशासन जसबीर संधू के खिलाफ बेअदबी का मामला दर्ज नहीं करता है तो 20 जुलाई को संत समाज व संगठनों की बैठक के बाद मंगलवार को राज्यस्तरीय चक्का जाम किया जाएगा।
इस बीच, पोस्टर फाड़ने वाले युवक लवप्रीत सिंह ने कहा कि वह भगवान वाल्मीकि आश्रम से जुड़ा सेवादार है और जसबीर संधू द्वारा की गई इस घटना से पूरे दलित समाज को ठेस पहुंची है। उसने कहा कि उसने गुस्से में पोस्टर फाड़ा, जिसके बाद पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया। लवप्रीत ने सरकार और प्रशासन पर अलग-अलग मानकों के अनुसार काम करने का भी आरोप लगाया।
उधर, एसपी हरपाल सिंह रंधावा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रशासन ने वाल्मीकि नेताओं से बात की है। उन्होंने कहा कि सहमति बनने के बाद वाल्मीकि समुदाय का धरना चार दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है। रंधावा ने कहा कि पोस्टर लगाने के पीछे कोई दुर्भावना नहीं थी और जिन पोस्टरों पर आपत्ति थी, उन्हें हटा दिया गया है।

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