अमृतसर (अजनाला)। हलका अजनाला के गांव धारिवाल क्लैर में सूअरों में खतरनाक वायरल बीमारी अमेरिकन स्वाइन फीवर की पुष्टि हुई है। जानकारी देते हुए डॉ. रविंदर सिंह कंग ने बताया कि यह बीमारी केवल सूअरों को प्रभावित करती है और इंसानों के लिए बिल्कुल भी खतरनाक नहीं है। इसलिए लोगों को घबराने की ज़रूरत नहीं है।
बीमारी फैलने से रोकने के लिए प्रभावित फार्म में करीब 210 सूअरों को मारकर दफनाया गया है। साथ ही पूरे इलाके को सैनिटाइज करने का काम शुरू हो गया है और सूअरों की खरीद-फरोख़्त पर तुरंत रोक लगा दी गई है।
डॉ. कंग ने कहा कि यह बीमारी लाइलाज है और एक बार फार्म में आने पर पूरे क्षेत्र में फैल सकती है। इसलिए बीमार जानवरों को मारना ही एकमात्र विकल्प होता है।
फार्म मालिक ने प्रशासन पर रोष जताते हुए आरोप लगाया कि रिपोर्ट देर से आई। उनका कहना है कि जांच रिपोर्ट महज दो घंटे में आ सकती थी लेकिन इसे आने में दस दिन लग गए। यदि समय पर रिपोर्ट मिल जाती तो सूअरों को बचाने के उपाय किए जा सकते थे। उन्होंने अनुमान लगाया कि इस बीमारी से उन्हें लगभग 24–25 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
फार्म मालिक ने सरकार से मांग की है कि पशुपालकों को आर्थिक मदद और मुआवजा दिया जाए ताकि वे दोबारा अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।
डॉ. कंग ने साफ किया कि इस बीमारी का हालिया बाढ़ से कोई संबंध नहीं है और न ही यह इंसानों में फैलती है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में सख्त प्रोटोकॉल लागू कर दिए हैं।
