वरिष्ठ IAS अधिकारियों पर धमकी और डराने-धमकाने के आरोप, IAS अमनीत पी. कुमार ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र
गुस्ताखी माफ़ हरियाणा – पवन कुमार बंसल
वरिष्ठ आई ए एस अधिकारियों पर धमकी और डराने-धमकाने के आरोप, IAS अमनीत पी. कुमार ने मुख्य सचिव को पाँच साल पहले लिखा था पत्र
हरियाणा में एक बड़ा प्रशासनिक विवाद तब सामने आया जब IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने राज्य के मुख्य सचिव को एक गंभीर शिकायत पत्र भेजा, जिसमें उन्होंने वरिष्ठतम IAS अधिकारियों पर डराने-धमकाने और जान-माल तथा करियर को नुकसान पहुँचाने की धमकी देने का आरोप लगाया।
अमनीत पी. कुमार, जो IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार की पत्नी हैं, ने अपने पत्र में लिखा कि 20 मई 2021 को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित कोरोना महामारी संबंधी एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया था। इसी के बाद एसीएस होम एवं हेल्थ राजीव अरोड़ा ने उन्हें व्हाट्सएप संदेश भेजकर और फिर व्यक्तिगत रूप से मुख्य सचिव हरियाणा श्री विजय वर्धन के कार्यालय में मीटिंग में शामिल होने के लिए बुलाया।
पत्र के अनुसार, बैठक के दौरान अमनीत पी. कुमार को बताया गया कि उनके पति वाई. पूरन कुमार ने डीजीपी हरियाणा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। इस पर मुख्य सचिव और एसीएस होम ने उन्हें कहा कि वे उनके “well wishers” हैं और उन्हें अपने पति को “कूल डाउन” करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि “नुकसान हो जाएगा”।
अमनीत पी. कुमार ने अपने पत्र में लिखा —
“माननीय सर, आपके शब्द ‘नुकसान हो जाएगा’ मेरे कानों में गूंज रहे हैं। किसी अधिकारी की पत्नी को बुलाकर इस तरह की धमकी देना अत्यंत अनैतिक है। इस मुलाकात के बाद से मैं अपनी जान और पेशेवर करियर दोनों के लिए खतरे में महसूस कर रही हूँ।”
उन्होंने आगे लिखा कि उन्हें यह ज्ञात नहीं कि वरिष्ठ अधिकारी इस “धमकी” को किस रूप में अंजाम देंगे, लेकिन वे इतने प्रभावशाली हैं कि निश्चित रूप से उनकी जान या करियर को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
अंत में उन्होंने लिखा —
“यदि मेरे साथ किसी प्रकार की जान, अंग या पेशेवर करियर से संबंधित हानि होती है, तो वे सभी वरिष्ठ अधिकारी जो मुझे धमकाने और डराने में शामिल रहे हैं, इसके लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे।”
इस शिकायत की प्रति भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT) को भी भेजी गई थी।
इस मामले ने हरियाणा प्रशासनिक सेवा में हलचल मचा दी है और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस गंभीर शिकायत पर क्या रुख अपनाती है।
