नई दिल्ली। हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है। यह पर्व हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कर्म, दान और पूजन का फल कभी क्षय नहीं होता, इसलिए इसे ‘अक्षय तृतीया’ कहा गया है। इस दिन मां लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है और सोना-चांदी या कोई नई वस्तु खरीदने की परंपरा है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल अक्षय तृतीया 30 अप्रैल 2025, बुधवार को मनाई जाएगी।
अक्षय तृतीया 2025: शुभ मुहूर्त
पूजा और दान का समय:
सुबह 5:41 बजे से दोपहर 12:18 बजे तक
सोना, चांदी व अन्य वस्तुएं खरीदने का मुहूर्त:
सुबह 5:41 बजे से दोपहर 2:12 बजे तक
अक्षय तृतीया के दिन क्या करें?
सोना खरीदें –
इस दिन सोना खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। इससे मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और घर में बरकत आती है।
नया व्यवसाय शुरू करें –
यदि आप किसी नए व्यापार या कार्य की शुरुआत करने की सोच रहे हैं तो यह दिन सर्वोत्तम है। अक्षय तृतीया पर शुरू किए गए कार्य में निरंतर वृद्धि होती है।
नया वाहन खरीदें –
बिना किसी विशेष मुहूर्त के इस दिन वाहन खरीदना शुभ माना जाता है। यह विश्वास है कि वाहन सुरक्षित और दीर्घकालीन लाभकारी होता है।
घर या प्रॉपर्टी खरीदें –
नया घर, जमीन या कोई प्रॉपर्टी खरीदने के लिए अक्षय तृतीया आदर्श दिन है। यहां तक कि गृह प्रवेश के लिए भी इसे शुभ माना गया है।
अक्षय तृतीया के दिन क्या न करें?
जनेऊ संस्कार न करें –
भले ही अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त माना गया हो, लेकिन जनेऊ जैसे मांगलिक कार्य इस दिन नहीं करने चाहिए।
व्रत का पारण न करें –
यदि आप किसी दीर्घकालिक व्रत पर हैं, तो उसका पारण अक्षय तृतीया के दिन नहीं करना चाहिए। यह दिन उपवास बनाए रखने के लिए श्रेष्ठ माना गया है।
दान और पुण्य का महत्व
इस दिन गरीबों को अन्न, वस्त्र, जल, चांदी, तिल, घी और गाय दान करने से अत्यधिक पुण्य प्राप्त होता है। अक्षय तृतीया पर किया गया दान कई जन्मों तक फलदायी होता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक मान्यताओं और जनविश्वासों पर आधारित हैं। किसी भी धार्मिक या ज्योतिषीय उपाय को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
