अकाली दल वारिस पंजाब ने डीसी अमृतसर को सौंपा ज्ञापन, सरकारी दफ्तरों में पंजाबी अनिवार्य करने की मांग

  • रिपोर्ट: ललित शर्मा

अमृतसर। अकाली दल वारिस पंजाब के नेता शमशेर सिंह पद्धरी की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी कमिश्नर अमृतसर को ज्ञापन सौंपकर सरकारी दफ्तरों में पंजाबी भाषा को अनिवार्य रूप से लागू करने की मांग की। इस दौरान उन्होंने डाकघरों व अन्य केंद्रीय विभागों में हिंदी और अंग्रेज़ी के अधिक प्रयोग पर आपत्ति जताई।

मीडिया से बातचीत में शमशेर सिंह पद्धरी ने कहा कि पंजाबी पंजाब की मातृभाषा है और इसकी रक्षा करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई सरकारी कार्यालयों में आम जनता से सीधे जुड़े कर्मचारी पंजाबी भाषा का प्रयोग नहीं कर रहे हैं, जिससे लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने हाल ही में एक बड़े डाकघर से जुड़ी वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि वहां केवल अंग्रेज़ी में बोर्ड लगे हैं, जो पंजाबी भाषा के अधिकारों का उल्लंघन है।

उन्होंने मांग की कि पंजाब में कार्यरत सभी सरकारी कर्मचारियों को पंजाबी भाषा का ज्ञान होना चाहिए और सभी कार्यालयों में बोर्ड सबसे पहले पंजाबी, फिर हिंदी और अंग्रेज़ी में लगाए जाएं। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 29 और 350-ए का हवाला देते हुए पंजाबी भाषा के संरक्षण पर जोर दिया।

डीसी कार्यालय में अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि सरकारी दफ्तरों में पंजाबी भाषा में बोर्ड लगाए जाएंगे और आम जनता से पंजाबी में ही कामकाज सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस पर शमशेर सिंह पद्धरी ने कहा कि अन्य भाषाओं से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन पंजाबी को उसका पूरा सम्मान और अधिकार मिलना जरूरी है।

 

khabre junction

Leave A Reply

Your email address will not be published.