पद्म भूषण सम्मान पर बोले अजीत कुमार: “दिल से अब भी एक साधारण मध्यमवर्गीय इंसान हूं”
तमिल सुपरस्टार अजीत कुमार ने पद्म भूषण मिलने के अनुभव को बताया 'अविश्वसनीय और भावनात्मक'
नई दिल्ली: तमिल अभिनेता अजीत कुमार को सोमवार को प्रतिष्ठित पद्म भूषण सम्मान से नवाजा गया। ‘विदामुइयर्ची’ और ‘गुड बैड अग्ली’ जैसी फिल्मों में अपनी दमदार भूमिका निभाने वाले अजीत ने इंडिया टुडे से खास बातचीत में इस क्षण को ‘सपने जैसा और भावनात्मक’ बताया।
परिवार के साथ राष्ट्रपति भवन में खास पल:
इस महत्वपूर्ण क्षण के गवाह बने उनके परिवार के सदस्य — पत्नी शालिनी और बच्चे — जो 28 अप्रैल को राष्ट्रपति भवन में मौजूद थे। अजीत ने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो यह अब भी पूरी तरह समझ में नहीं आया है। मैं आज भी दिल से एक मध्यमवर्गीय इंसान हूं और यह सब बहुत ही अवास्तविक सा लग रहा है।”
प्रेरणा और पुष्टि का पल:
अजीत ने आगे कहा, “शुरुआत में मैं भावुक हो गया था, लेकिन मुझे लगता है कि ऐसे पल आपको प्रेरणा देते हैं — या कम से कम यह पुष्टि करते हैं कि आप सही रास्ते पर हैं और आपको वही करते रहना चाहिए जो आप सालों से करते आए हैं।”
‘सुपरस्टार’ का टैग नहीं पसंद:
53 वर्षीय अजीत कुमार ने कहा कि वह खुद को ‘सुपरस्टार’ कहलवाना पसंद नहीं करते।
“मैं नहीं मानता कि नाम के आगे-पीछे विशेषण होना जरूरी है। मुझे अजीत, एके (AK) या जैसे भी बुलाया जाए, चलेगा। यह बस एक पेशा है। मैं एक पेशेवर अभिनेता हूं और अपने काम के लिए मेहनताना लेता हूं। शोहरत और पैसा तो काम का नतीजा हैं।”
सरल जीवनशैली और स्पष्ट सोच:
“मैं कोशिश करता हूं कि मेरी ज़िंदगी जितनी सरल हो सके, उतनी रहे। ज्यादा सोचना पसंद नहीं करता, एक समय में एक ही प्रोजेक्ट पर काम करता हूं और अपने शौकों और रुचियों में समय बिताता हूं।”
पिछली फिल्म ‘गुड बैड अग्ली’ रही हिट:
वर्क फ्रंट की बात करें तो अजीत कुमार आखिरी बार फिल्म ‘गुड बैड अग्ली’ में नजर आए थे, जिसमें उन्होंने त्रिशा कृष्णन और सिमरन बग्गा के साथ फिर से स्क्रीन शेयर की। यह फिल्म दर्शकों और समीक्षकों दोनों से सकारात्मक प्रतिक्रिया पाने में सफल रही।
